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इंदौर : ठगी में डिजिटल अरेस्ट का तरीका हुआ पुराना, अब व्हाट्सऐप पर वेडिंग इन्विटेशन कार्ड भेज स्कैम कर रहे ठग

इंदौर। शादियों का सीजन शुरू होते ही साइबर अपराधियों ने ठगी का नया तरीका खोज लिया है। अपराधी अब व्हाट्सऐप पर ई-कार्ड भेजकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। जैसे ही लोग इन ई-कार्ड को डाउनलोड करते हैं, उनका मोबाइल हैक हो जाता है। पिछले कुछ दिनों में इंदौर क्राइम ब्रांच को ऐसी 6 शिकायतें मिल चुकी हैं, जिनमें 4 मामलों में 8 लाख रुपए की ठगी की जा चुकी है।

कैसे हो रही है ठगी

एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोदिया ने कहा, अपराधी ई-कार्ड के रूप में एपीके (एंड्रॉइड पैकेजिंग किट) फाइल भेजते हैं। एपीके फाइल में एप्लिकेशन कोड होता है, जिसे डाउनलोड करते ही मोबाइल में वायरस इंस्टॉल हो जाता है। यह वायरस मोबाइल की कॉन्टैक्ट लिस्ट, फोटो गैलरी, बैंक डिटेल्स और पासवर्ड तक हैक कर लेता है।

एपीके फाइल के खतरे

यह मोबाइल का पूरा एक्सेस साइबर अपराधियों को सौंप देती है। अपराधी फोटो गैलरी से तस्वीरें निकालकर उन्हें मॉर्फ कर ब्लैकमेल कर सकते हैं। बैंकिंग डिटेल्स, ओटीपी और क्रेडिट कार्ड जानकारी चुराकर सीधे पैसों की ठगी कर सकते हैं। वाट्सएप हैक कर रिश्तेदारों से पैसे मांगने जैसी वारदातें अंजाम दी जा रही हैं।

देखें वीडियो…

शादी के सीजन में शुरू हुआ स्कैम

12 नवंबर से अब तक इंदौर क्राइम ब्रांच में 6 शिकायतें पहुंच चुकी हैं। एक मामले में अपराधियों ने पीड़ित का वाट्सएप हैक कर उसके रिश्तेदारों से पैसे मांगे। वहीं, दो मामलों में क्रेडिट कार्ड और बैंक डिटेल्स चुराकर 8 लाख रुपए ठगी की गई। एक अन्य मामले में पीड़ित की तस्वीरों को मॉर्फ कर उसे बदनाम करने की धमकी देकर पैसे वसूले गए।

बचाव के लिए क्या है उपाय

एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोदिया का कहना है कि यह नया ट्रेंड लोगों की नासमझी का फायदा उठा रहा है। उन्होंने इससे बचने के लिए कुछ जरूरी सुझाव दिए हैं।

  1. एपीके फाइल से रहें सावधान- अनजान ई-कार्ड, खासतौर पर एपीके फाइल वाले ई-कार्ड को गलती से भी डाउनलोड न करें।
  2. फाइल डाउनलोड से पहले करें जांच- अगर ई-कार्ड किसी परिचित से आया हो, तो पहले उनसे इसकी पुष्टि करें। इसके बाद ही उसे डाउनलोड करें।
  3. एंटीवायरस का करें इस्तेमाल- अपने डिवाइस में एंटीवायरस सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करें।
  4. ऐप्स केवल ऑफिशियल स्टोर से करें डाउनलोड- किसी भी ऐप को केवल गूगल प्ले स्टोर या अन्य आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ही डाउनलोड करें। किसी भी बाहरी सोर्स से प्राप्त एप्लीकेशन फाइल को इंस्टॉल न करें। इसके साथ ही फोन को नियमित रूप से अपडेट करते रहें।

जांच एजेंसियों की सक्रियता

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगठित गिरोह इस तरह की ठगी को अंजाम दे रहे हैं। ये गिरोह ठगी की रकम को विदेशी करेंसी में बदलकर हवाला के जरिए ट्रांसफर कर रहे हैं। इसे रोकने के लिए बड़ी जांच एजेंसियां सक्रिय हो चुकी हैं और इन गिरोहों को ट्रैक करने का काम शुरू हो गया है।

सतर्कता ही बचाव है

इस तरह के साइबर अपराधों से बचने का सबसे बड़ा तरीका सतर्क रहना है। कोई भी फाइल डाउनलोड करने से पहले उसकी प्रमाणिकता जांचें और डिजिटल सुरक्षा को प्राथमिकता दें।

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