
नई दिल्ली। लोकसभा में सोमवार दोपहर वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पेश किया गया। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रश्नकाल के बाद दोपहर इसे सदन में चर्चा के लिए पेश किया। मुस्लिम समाज का एक तबका इसके समर्थन में जबकि दूसरा धड़ा इसके विरोध में है। इस विधेयक को पारित कराने के लिए एनडीए और उसकी सहयोगी पार्टियां एकजुट हैं जबकि INDIA ब्लॉक इसके विरोध में है।
स्पीकर ओम बिरला ने बिल पर चर्चा के लिए 8 घंटे का समय तय किया है। इसमें से NDA को 4 घंटे 40 मिनट दिए गए हैं, बाकी वक्त विपक्ष को मिला है।
नहीं छिन सकते महिलाओं और बच्चों का अधिकार : रिजिजू
रिजिजू ने आगे कहा कि हम किसी जाति-धर्म के कारण सांसद नहीं बने हैं। आपका ट्रस्ट है, ट्रस्ट को चैरिटी कमिश्नर संभालता है। आप ये कैसे कह सकते हैं कि अगर वह मुसलमान नहीं है तो उसे कैसे संभाल सकता है। उन्होंने आगे कहा कि ये बार-बार कहा जा रहा है कि मुसलमान के मामले में गैर मुस्लिम क्यों आ रहा है। लेकिन कोई ये क्यों नहीं समझ रहा कि इसका धार्मिक व्यवस्था से कोई लेना-देना नहीं देना नहीं है। ये संपत्ति के मैनेजमेंट से जुड़ा मामला है।
रिजिजू ने आगे कहा कि वक्फ की जिन संपत्तियों पर विवाद है, हम कोर्ट के पावर को कैसे ले सकते हैं। देश में जब सीएए लाया गया था उस वक्त भी लोगों ने कहा था कि भारत के मुसलमानों का हक छिना जा रहा है। लेकिन आप ही बताइए कि किसी मुसलमान की नागरिकता छिनी गई है। आज आप दोबारा मिसलीड करेंगे तो मुंह की खाना पड़ेगा आपको। फिर कोई बिल लेकर दोबारा आएंगे और पर्दाफाश करेंगे आपका। आप वक्फ क्रिएट कर सकते हैं लेकिन महिलाओं और बच्चों का अधिकार नहीं छिन सकते. ये बहुत बड़ा रिफॉर्म है।
विरोध करने वालों को सदियों तक याद रखा जाएगा- रिजिजू
रिजिजू ने कहा कि नए वक्फ बिल का नाम ‘उम्मीद’ हो गया है। इस संशोधित बिल से न केवल नया सवेरा आने वाला है। जबकि करोड़ों मुसलमानों को इसका फायदा भी होगा। उन्होंने कहा कि मुसलमानों ने बिल का स्वागत किया है। बोर्ड के ऑडिट करने का भी प्रावधान रखा गया है। इस बिल के बाद असल पता चलेगा कि कितनी प्रॉपर्टी वक्फ बोर्ड के पास हैं।
अल्पसंख्यक कार्य मंत्री ने वक्फ के डिजिटलाइजेशन से लेकर वक्फ क्रिएट करने की प्रक्रिया तक, पूरी प्रक्रिया बताई और कहा कि सबकुछ राज्य सरकारों को ही करना है। जो-जो वक्फ प्रॉपर्टी क्रिएट की गई है, उसे लेकर हम लगातार टच में रहेंगे। ये पूरी तरह राज्य सरकार के अधीन है और उनको ही इसकी निगरानी का काम करना है। इनकम जेनरेशन का भी इफेक्टिव गवर्नेंस का प्रावधान हमने रखा है। जो रिफॉर्म्स हमने लाए हैं और कुछ बदलाव जो किए हैं, इसमें अगर आपको लगता है कि वक्फ प्रॉपर्टी के बेहतर इस्तेमाल करने के लिए क्या करना चाहिए, उसमें आपके सुझाव का हम खुले दिल से स्वागत करेंगे। इस बिल का विरोध करने वालों को सदियों तक याद रखा जाएगा।
ये संसद भवन भी वक्फ प्रॉपर्टी होता- रिजिजू
किरेन रिजिजू ने चर्चा के दौरान कहा कि साल 2013 में दिल्ली वक्फ बोर्ड ने पार्लियामेंट की जो बिल्डिंग है, उसे भी वक्फ प्रॉपर्टी घोषित कर दिया था। यूपीए की सरकार ने इसे डिनोटिफाई भी कर दिया। अगम नरेंद्र मोदी जी की सरकार नहीं होती, हम संशोधन नहीं लाते तो जिस जगह हम बैठे हैं, वह भी वक्फ की संपत्ति होती। यूपीए की सरकार होती तो पता नहीं कितनी संपत्तियां डिनोटिफाई होतीं। कुछ भी अपने मन से नहीं बोल रहा हूं। ये सब रिकॉर्ड की बात है। किरेन रिजिजू की इस बात पर विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष के जोरदार हंगामे पर किरेन रिजिजू ने कहा कि अगर तर्क नहीं है तो इस तरह से हंगामा करना ठीक बात नहीं है। स्पीकर ने कहा कि आपकी बारी आएगी तो आप अपनी बात रखिएगा।
रिजिजू कहा- किसी बिल पर नहीं हुआ इतनी याचिकाएं
किरेन रिजिजू ने वक्फ संशोधन बिल लोकसभा में पेश कर दिया है। उन्होंने कहा कि इससे ज्यादा संख्या में आजतक किसी भी बिल पर लोगों की याचिकाएं नहीं आईं। 284 डेलिगेशन ने अलग-अलग कमेटी के सामने अपनी बात रखी है। वहीं 25 राज्यों के वक्फ बोर्ड ने अपना पक्ष रखा। इसके अलावा पॉलिसी मेकर्स और एक्सपर्ट्स ने भी अपनी बात कमेटी के सामने रखी हैं। इस बिल का पॉजिटिव सोच के साथ विरोध करने वाले भी समर्थन करेंगे।
गृह मंत्री अमित शाह ने दिया जवाब
के सी वेणुगोपाल के इस बयान पर गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब देते हुए कहा कि JPC (संयुक्त संसदीय समिति) ने जो बदलाव सुझाए थे, उन्हें केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दे दी गई है। उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि पहले ऐसी समितियां सिर्फ औपचारिक मुहर लगाने का काम करती थीं, लेकिन अब ऐसा नहीं है। हमारे समय में JPC के सुझाए गए बदलावों को माना गया, बिल में जरूरी सुधार किए गए और फिर इसे पेश किया गया।
के सी वेणुगोपाल ने जताई आपत्ति
लोकसभा में कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, “इस तरह का बिल (वक्फ संशोधन विधेयक) जिसे आप सदन में ला रहे हैं, कम से कम सदस्यों को संशोधन करने का अधिकार तो होना चाहिए। आप कानून को जबरन थोप रहे हैं। आपको संशोधन के लिए समय देना चाहिए। संशोधन के लिए कई प्रावधान हैं।”
इस पर स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि जितना समय सरकारी संशोधनों को दिया है, उतना ही समय गैर सरकारी संशोधनों को भी दिया है।
लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश
लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश कर दिया गया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने यह विधेयक पेश किया। विधेयक पेश होते ही विपक्ष ने इसका विरोध शुरू कर दिया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उन्हें विधेयक की प्रति देर से मिली और उन्हें विधेयक की समीक्षा के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया।