
भोपाल। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने बताया कि एक लोकसभा सीट में 384 प्रत्याशियों के होने पर ईवीएम से वोटिंग कराने की व्यवस्था है, अगर इससे ज्यादा प्रत्याशी खड़े होते हैं तो फिर देखा जाएगा। वर्तमान में पहले चरण के चुनाव में किसी भी लोकसभा सीटों में इस तरह की स्थिति नहीं है। मंगलवार को प्रशासन अकादमी में आयोजित मीडिया वर्कशाप के दौरान पत्रकारों के सवालों का जवाब देते उन्होंने कहा कि वर्तमान में सबसे ज्यादा प्रत्याशी (19) जबलपुर लोकसभा सीट पर हैं।
इसके चलते यहां दो बैलेट यूनिट लगाना पड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट द्वारा वीवी पैट की सभी पर्चियों को गिरने संबंधी दिए गए नोटिस पर सीईओ राजन के कहा कि फिलहाल आयोग के निर्देश पर पांच पर्ची गिनने की व्यवस्था है। अगर आयोग इस संबंध में कोई नई गाइड लाइन जारी करता है तो उसका पालन किया जाएगा।
पेड न्यूज: प्रिंट लाइन जरूरी
राजन ने कहा कि पेड न्यूज पर प्रिंट लाइन होना जरूरी है। बिना प्रिंट लाइन और प्रत्याशी की लिखित अनुमति के मीडिया किसी भी विज्ञापन का प्रकाशन न करें। उन्होंने यह भी बताया कि मतदाता जागरुकता वाहन प्रदेश के 75 विधानसभा क्षेत्रों में भ्रमण कर रहे हैं, लेकिन इनमें ईवीएम का प्रदर्शन नहीं हो रहा है। नामांकन जमा करने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद ईवीएम का प्रदर्शन नहीं किया जाता ।
विज्ञापन: अनुमोदन जरूरी
संयुक्त निर्वाचन पदाधिकारी मनोज खत्री ने कहा कि पत्रकार आयोग के आंख और कान हैं। खत्री ने कहा कि एमसीएमसी कमेटी के अनुमोदन के बाद ही राजनीतिक विज्ञापन जारी किए जाएं। विज्ञापन समाचार के रूप में नहीं देना चाहिए। नेशनल लेवल मास्टर ट्रेनर प्रोफेसर पीएन सनेसर और डॉ. वाईपी सिंह ने सी-विजिल ऐप, केवाईसी, एमसीएमसी, पेड न्यूज, मीडिया एथिक्स और मतदान एवं मतगणना के दिन मीडिया कव्हरेज सहित विभिन्न चुनावी प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।