
चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले के माणा गांव में 28 फरवरी की सुबह 7:15 बजे बड़ा एवलांच आया। भारी बर्फबारी के कारण बर्फ का पहाड़ खिसक गया, जिसकी चपेट में बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO) के 55 मजदूर आ गए। इनमें से 47 को बचा लिया गया है, जबकि 8 मजदूर अभी भी बर्फ में फंसे हुए हैं। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
इस हादसे के बाद से सेना, ITBP, BRO, SDRF और NDRF की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं। मौसम खराब होने के बावजूद बचाव अभियान को प्राथमिकता दी जा रही है। हेलिकॉप्टरों की मदद से रेस्क्यू कार्य तेज करने की कोशिश की जा रही है।
सीएम धामी ने लिया ग्राउंड जीरो पर जायजा
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद ग्राउंड जीरो पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को जल्द से जल्द सभी मजदूरों को सुरक्षित निकालने के निर्देश दिए हैं।
इससे पहले सीएम पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर पोस्ट कर हादसे पर दुख जताया। उन्होंने लिखा- ”जनपद चमोली में माणा गांव के निकट BRO द्वारा संचालित निर्माण कार्य के दौरान हिमस्खलन की वजह से कई मजदूरों के दबने का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ। ITBP, BRO और अन्य बचाव दलों द्वारा राहत एवं बचाव कार्य संचालित किया जा रहा है। भगवान बदरी विशाल से सभी श्रमिक भाइयों के सुरक्षित होने की प्रार्थना करता हूं।
एयर एंबुलेंस की सुविधा नहीं, हेलिकॉप्टर स्टैंडबाय पर
रेस्क्यू किए गए मजदूरों को प्राथमिक चिकित्सा के लिए जोशीमठ में लाया गया है। हालांकि, खराब मौसम के चलते एयर एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं हो सकी। भारतीय वायुसेना का Mi-17 हेलिकॉप्टर स्टैंडबाय पर रखा गया है, जो मौसम साफ होते ही रेस्क्यू में शामिल होगा।
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि चमोली में मौसम अभी भी खराब है, लेकिन मजदूरों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। 4 हेलिकॉप्टरों को इस अभियान में लगाया गया है।
हादसे के समय कंटेनर हाउस में थे मजदूर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि, घटना के वक्त सभी मजदूर कंटेनर हाउस में थे। अचानक आए एवलांच की चपेट में आने से मजदूर बर्फ के नीचे दब गए। चमोली-बद्रीनाथ हाईवे पर बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO) के कुल 57 लोग काम कर रहे थे, जिसमें से 2 लोग छुट्टी पर थे।
किन राज्यों के हैं मजदूर?
उत्तराखंड सरकार द्वारा जारी सूची के अनुसार, फंसे मजदूर अलग-अलग राज्यों से हैं:
- बिहार – 11 मजदूर
- उत्तर प्रदेश – 11 मजदूर
- उत्तराखंड – 11 मजदूर
- हिमाचल प्रदेश – 7 मजदूर
- जम्मू-कश्मीर – 1 मजदूर
- पंजाब – 1 मजदूर
जोशीमठ में मेडिकल टीम तैयार
जोशीमठ में रेस्क्यू किए गए मजदूरों के इलाज के लिए मेडिकल टीम पूरी तरह से तैयार है। सरकार ने सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि जल्द से जल्द सभी मजदूरों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की जा रही है।
पहाड़ों में मौसम काफी खराब
बता दें कि पिछले दो दिनों से पहाड़ों में मौसम काफी खराब है। उत्तराखंड के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश के भी कई इलाकों में भारी बारिश हो रही है। कहीं, नदियां उफान पर हैं तो कहीं नालों में गाड़ियां बह रही हैं। भीषण बारिश के कारण हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में तबाही मच गई है। प्रदेश के कुल्लू जिले से तो तबाही की हैरान करने वाली तस्वीरें सामने आई हैं।
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