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Sambhal Violence : संभल में सुधर रहे हालात, स्कूल-कॉलेज खुले, इंटरनेट बैन; सपा सांसद समेत 7 पर FIR

संभल। उत्तर प्रदेश के संभल की विवादित जामा मस्जिद परिसर में रविवार को सर्वे के दौरान भड़की हिंसा के तीसरे दिन मंगलवार को हालात में सुधार देखने को मिला और स्कूल भी खुले। सुबह सुबह रोजमर्रा की जरूरतों की दुकान खुली नजर आ रही है, लेकिन जिले में इंटरनेट सेवा आज भी बंद है, जिसकी वजह से लोगों को काफी परेशानी महसूस हो रही है।

संभल में रविवार जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हालत खराब हो गई, जिसमें पत्थर बाजी और आगजनी की घटना में चार लोगों की मौत हो गई और करीब 20 लोग घायल हो गए। पुलिस ने इस संबंध में सोमवार को 25 लोगों को गिरफ्तार किया। सोमवार को संभल में बाजार बंद था लेकिन कई इलाकों में दुकानें खुली देखी गईं। आज सुबह भी स्थिति सामान्य नजर आ रही है।

2750 अज्ञात लोगों को बनाया आरोपी

एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ड्रोन, सीसीटीवी और मोबाइल के वीडियो खंगाल रही है तथा उपद्रव करने वालों को चिह्नित कर रही है, ताकि उन्हें पकड़ा जा सके। अब तक इस मामले में 7 FIR दर्ज हो चुकी है, जिसमें संभल के सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क और सदर विधायक नवाब इकबाल महमूद के बेटे सुहैल इकबाल सहित 2750 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।

नुकसान की होगी वसूली : SP

सोमवार रात पुलिस अधीक्षक (एसपी) कृष्ण कुमार विश्नोई ने पत्रकारों से कहा कि जिन लोगों ने नुकसान किया है उनसे एक-एक पाई वसूली जाएगी। उन्होंने कहा कि संभल में पुलिस ने सिर्फ ‘प्लास्टिक बुलेट’ का इस्तेमाल किया और पुलिस की गोली से किसी की मौत नहीं हुई। एसपी ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी ये बात साबित हुई है। उन्होंने कहा कि संभल में पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है, जगह जगह चौराहों पर पुलिस बल तैनात है और कई जगह रैपिड एक्शन फोर्स भी तैनात है।

संभल के जिलाधिकारी ने जिले में बाहरी व्यक्तियों एवं जन प्रतिनिधियों के प्रवेश पर 30 नवंबर तक रोक लगाई हुई है ताकि संभल के हालत जल्द सामान्य हो पाए। संभल की स्थिति सामान्य नजर आ रही है जबकि घटना स्थल के नजदीक सन्नाटा सा पसरा हुआ है।

संभल की जामा मस्जिद।

जामा मस्जिद के मंदिर होने का दावा

5 दिन में दूसरी बार जामा मस्जिद का सर्वे करने के लिए प्रशासन की टीम रविवार को पहुंची थी। टीम में हिंदू पक्ष के वकील, सरकारी वकील के साथ डीएम-एसपी, एसडीएम मस्जिद के अंदर गए। सुरक्षा को देखते हुए पहले से ही पीएसी-आरआरएफ की टीम को तैनात किया गया था।

दरअसल, 19 नवंबर को हिंदू पक्ष ने संभल की शाही जामा मस्जिद के श्री हरिहर मंदिर होने की याचिका पर कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने जामा मस्जिद के एडवोकेट कमिश्नर सर्वे का आदेश दिया था। कोर्ट के आदेश के बाद पहली बार मंगलवार को सर्वे करने के लिए टीम पहुंची थी। कोर्ट ने मस्जिद का सर्वे करवाकर एक हफ्ते के अंदर रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए। प्रशासन को 26 नवंबर को रिपोर्ट पेश करनी है। 29 नवंबर को इस पर सुनवाई होगी। हिंदू पक्ष का कहना था कि बाबर के शासनकाल में 1529 में इसे मस्जिद का रूप दिया गया।

विष्णु शंकर जैन का दावा

इस मामले में अधिवक्ता विष्णु जैन ने बताया, ‘संभल में हरिहर मंदिर हमारी आस्था का केंद्र है। हमारी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां पर दशावतार में से कल्कि अवतार यहां से होना है। वर्ष 1529 में बाबर ने मंदिर को तोड़ कर मस्जिद में बदलने की कोशिश की थी। यह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा संरक्षित क्षेत्र है। उसमें किसी भी तरह का अतिक्रमण नहीं हो सकता। वहां पर बहुत सारे निशान और संकेत हैं जो हिंदू मंदिर के हैं। इन सारी बातों को ध्यान रखते हुए अदालत ने यह आदेश जारी किया है।’

क्या है पूरा मामला

संभल की शाही जामा मस्जिद का मामला कोर्ट में पहुंच गया था। कैलादेवी मंदिर के महंत ऋषि राज गिरि महाराज ने 19 नवंबर को दोपहर डेढ़ बजे सिविल कोर्ट में याचिका लगाई। सिविल जज सीनियर डिवीजन आदित्य सिंह की अदालत ने मस्जिद का सर्वे कर वीडियो और फोटोग्राफी कराकर 7 दिन में रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए थे।

अदालत ने एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त किया। उसी दिन शाम 4 बजे आदेश आने के बाद शाम सवा छह बजे सर्वे के लिए टीम जामा मस्जिद पहुंच गई। 2 घंटे चले सर्वे के बाद टीम रात करीब पौने 8 बजे बाहर आई थी।

महंत ऋषि राज गिरि का दावा है कि, शाही जामा मस्जिद श्रीहरिहर मंदिर है। मस्जिद में मंदिर के कई प्रमाण हैं और यहीं पर भगवान विष्णु के दशावतार कल्कि का अवतार होना है। बता दें कि, शाही जामा मस्जिद सदर कोतवाली क्षेत्र के कोट पूर्वी में स्थित है।

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