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UPPSC Protest : प्रयागराज में 5वें दिन भी छात्रों का आंदोलन जारी, डिमांड्स मान लेने के बाद अब क्या चाहते हैं अभ्यर्थी ?

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UPPSC Protest : प्रयागराज में 5वें दिन भी छात्रों का आंदोलन जारी, डिमांड्स मान लेने के बाद अब क्या चाहते हैं अभ्यर्थी ?
प्रयागराज। यूपी लोकसेवा आयोग के खिलाफ प्रतियोगी छात्रों का आंदोलन पांचवें दिन भी जारी है। सैकड़ों की संख्या में प्रतियोगी छात्र आयोग के दफ्तर के बाहर की सड़कों पर जमा हैं। प्रदर्शनकारी छात्र थाली पीटकर लगातार नारेबाजी कर रहे हैं। बता दें कि, योगी सरकार के दखल के बाद उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने अभ्यर्थियों की मांग स्वीकार कर ली है। यूपी में पीसीएस 2024 की प्रारंभिक परीक्षा अब एक दिन में एक ही शिफ्ट में होगी। सरकार के इस फैसले के बावजूद प्रयागराज में छात्रों का आंदोलन जारी है वहीं प्रतियोगी छात्र आरओ/एआरओ का नोटिफिकेशन जारी करने की जिद पर अड़े हैं। अभ्यर्थियों ने आयोग की मंशा पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाए हैं कि उसकी नीति अभ्यर्थियों बांटने की है लेकिन अभ्यर्थी न बंटेंग, न हटेंगे।

सरकार ने मानी छात्रों की मांगें

  • UPPSC ने 5 नवंबर को लिया गया 2 शिफ्ट में परीक्षा का फैसला गुरुवार (14 नवंबर) को वापस ले लिया। आयोग ने यूपी पीसीएस फिर से पुराने पैटर्न पर कराने का फैसला करते हुए अपनी वेबसाइट पर नोटिस जारी कर इसकी आधिकारिक पुष्टि कर दी है।
  • आयोग के फैसले के मुताबिक, पीसीएस परीक्षा (प्रारंभिक) को अब एक ही दिन और शिफ्ट में कराया जाएगा।
  • सरकार ने RO और ARO परीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित की है, जो रिपोर्ट आने के बाद आखिरी फैसला लेगी।

अब भी क्यों प्रदर्शन कर रहे छात्र

  • सरकार द्वारा मांग माने जाने के बावजूद छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि, सभी मांगें नहीं माने जाने तक उनका धरना जारी रहेगा।
  • इस आंदोलन में दो परीक्षाओं के छात्र शामिल हैं। पीसीएस प्री और समीक्षा अधिकारी-सहायक समीक्षा अधिकारी, जिसे RO-ARO कहा जाता है।
  • अब तक ये था कि पीसीए प्री परीक्षा 7 और 8 दिसंबर को दो-दो सत्रों में होगी। छात्रों के आंदोलन के बाद परीक्षा पहले की तरह वन डे वन शिफ्ट में पूरी करने का ऐलान किया गया।
  • समीक्षा अधिकारी-सहायक समीक्षा अधिकारी वाली परीक्षा जो 22 और 23 दिसंबर को कराने की बात थी। फिलहाल उसे सिर्फ स्थगित किया गया है, साथ ही आगे के फैसले के लिए कमेटी बनाई गई है।
  • RO/ARO परीक्षा के बारे में कमेटी बनाने को कहा गया है। ये कमेटी कैसी होगी और एग्जाम एक शिफ्ट में होगा या नहीं अभी तक क्लियर नहीं हुआ है। अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार पहले क्लियर करे की RO/ARO एग्जाम कब होगा और कमेटी क्या डिसाइड करेगी?
  • RO और ARO परीक्षा स्थगित करने के फैसले का विरोध करते हुए छात्रों ने कहा है कि आयोग इस परीक्षा का नोटिफिकेशन तुरंत जारी करे, तभी वे अपना प्रदर्शन खत्म करेंगे।

क्यों प्रदर्शन कर रहे छात्र

आयोग ने PCS की प्री परीक्षा 7 और 8 दिसंबर, जबकि RO/ARO की परीक्षा 22 और 23 दिसंबर को रखी है। दोनों परीक्षाएं दो दिन में होगी। आयोग ने पहली बार नॉर्मलाइजेशन यानी नॉर्मलाइज्ड स्कोर की प्रक्रिया लागू की है। छात्र इसी का विरोध कर रहे हैं। उनकी मांग है कि परीक्षा एक ही दिन कराई जाए। नॉर्मलाइजेशन (मानकीकरण) की प्रक्रिया निरस्त की जाए। देखें वीडियो…

क्या है विवाद

दरअसल, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने पीसीएस प्रीलिम्स 2024 और आरओ/एआरओ प्रीलिम्स 2023 परीक्षाओं को दो दिनों में, दो शिफ्ट में आयोजित करने का फैसला लिया है। अभ्यर्थी इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। प्रतियोगी छात्रों की मांग है कि, यूपी पीसीएस 2024 और आरओ एआरओ 2023 की प्रारंभिक परीक्षाओं को पहले की तरह एक ही दिन और एक ही शिफ्ट में कराया जाए। उनका कहना है कि 2 दिन परीक्षा कराए जाने पर होने वाले नॉर्मलाइजेशन से उनका नुकसान होगा। इस फैसले के खिलाफ 11 नवंबर को फिर से दिल्ली से लेकर यूपी तक अभ्यर्थी सड़कों पर उतर आए। वे ‘वन डे वन एग्जाम’ की मांग के साथ प्रोटेस्ट कर रहे हैं। छात्राओं की मांग है कि, यूपीपीएससी की परीक्षाओं में नॉर्मलाइजेशन सिस्टम खत्म कर दिया जाए। उनके मुताबिक, लोक सेवा आयोग के नॉर्मलाइजेशन सिस्टम का तरीका निष्पक्ष नहीं है। ये भी पढ़ें- प्रयागराज में प्रतियोगी छात्रों को राहत, UPPSC ने स्थगित की RO-ARO परीक्षा, अब एक शिफ्ट में ही होगा पेपर
Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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