
कानपुर। जाजमऊ के पोखरपुर इलाके में चार साल से बंद पड़े एक मदरसे में किशोर का कंकाल मिलने से सनसनी फैल गई है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। डीएनए जांच के जरिए कंकाल की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। बता दें, जिस मदरसे में यह घटना हुई, वह पिछले चार सालों से बंद पड़ी है।
बोर्ड पर लिखी मिली पिछले साल की तारीख
मदरसे में कक्षा के ब्लैकबोर्ड पर 20 मई 2023 की तारीख लिखी मिली है। इसने पुलिस के लिए जांच को और पेचीदा बना दिया है, क्योंकि मदरसा कोरोना काल से बंद है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि यह तारीख किसने और क्यों लिखी।
महिला ने जताई लापता बेटे का कंकाल होने की आशंका
वाहिद अली की पत्नी अजबुन ने मदरसे में मिले कंकाल को अपने बेटे अयान का होने का संदेह जताया है। अयान मानसिक रूप से कमजोर था और 24 अगस्त 2023 को लापता हो गया था। हालांकि, इसकी अभी को ई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। डीएनए जांच के बाद ही इसकी पुष्टि की जा सकेगी।
मदरसा बंद होने के बाद से था वीरान
मदरसा कदरिया उलूम को वर्ष 2015 में शुरू किया गया था, लेकिन कोरोना महामारी के दौरान इसे बंद कर दिया गया। जून 2022 में मदरसे के संचालक परवेज अख्तर का निधन हो गया। इसके बाद से यह भवन पूरी तरह बंद था।
मकान के पास दुर्गंध लेकिन नहीं हुआ शक
स्थानीय निवासियों के अनुसार, मदरसा जंगल के पास है। वहां, अक्सर मृत जानवरों की दुर्गंध आती रहती है। इस वजह से किसी को भी शव की गंध का आभास नहीं हुआ।
रवेज अख्तर के रिश्तेदार अनस ने मकान का ताला टूटा देखा। उन्होंने आसपास के लोगों के साथ अंदर जाकर देखा तो एक कमरे में कंकाल पड़ा था। इसके बाद फौरन उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी।
जांच में जुटी पुलिस
एडीसीपी राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि कंकाल को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। डीएनए जांच के जरिए शिनाख्त करने का प्रयास किया जा रहा है। ब्लैकबोर्ड पर लिखी तारीख और अन्य संदिग्ध सुरागों की भी जांच की जा रही है।
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