
नई दिल्ली। भारत और चीन ने सोमवार को कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू करने का फैसला किया और दोनों पक्ष संबंधों को “स्थिर और बहाल” करने के लिए कुछ जन-केंद्रित कदम उठाने पर सहमत हुए। विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी विदेश सचिव विक्रम मिस्री की बीजिंग में अपने चीनी समकक्ष सुन वेइदोंग के साथ वार्ता के बाद दी। इसने कहा कि दोनों पक्ष दोनों देशों के बीच सीधी हवाई सेवाएं पुनः शुरू करने पर भी सैद्धांतिक रूप से सहमत हुए। भारत-चीन के बीच जून 2020 में हुए डोकलाम विवाद के बाद इस यात्रा को रोक दिया गया था।
इस साल गर्मी में शुरू होगी यात्रा
विदेश मंत्रालय ने कहा, “ जैसा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच अक्टूबर में कज़ान में हुई बैठक में सहमति बनी थी, दोनों पक्षों ने भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों की स्थिति की व्यापक समीक्षा की और संबंधों को स्थिर और बहाल करने के लिए कुछ जन-केंद्रित कदम उठाने पर सहमति व्यक्त की।” इसने कहा, ‘‘इस संदर्भ में दोनों पक्षों ने 2025 की गर्मियों में कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू करने का फैसला किया।”
दोनों देशों के बीच डायरेक्ट फ्लाइट होगी शुरू
विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्षों ने सीमापार नदियों से संबंधित जल विज्ञान संबंधी आंकड़ों और अन्य सहयोग का प्रावधान पुनः शुरू करने को लेकर चर्चा करने के लिए भारत-चीन विशेषज्ञ स्तरीय तंत्र की शीघ्र बैठक बुलाने पर भी सहमति व्यक्त की। इसने कहा कि दोनों पक्ष मीडिया और थिंक टैंक के बीच बातचीत सहित लोगों के बीच आदान-प्रदान को और अधिक बढ़ावा देने तथा सुविधाजनक बनाने के लिए उचित कदम उठाने पर सहमत हुए। विदेश मंत्रालय ने कहा, “वे दोनों देशों के बीच सीधी हवाई सेवाएं फिर से शुरू करने के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमत हुए। दोनों पक्षों के संबंधित तकनीकी अधिकारी जल्द ही इस उद्देश्य के लिए एक अद्यतन रूपरेखा पर बातचीत करेंगे।”