
खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा में सड़क दुर्घटना में तेंदुए की मौत हो गई। अनुमान है कि रात के अंधेरे में सड़क क्रॉस करते समय यह हादसा हुआ होगा। मंगलवार तड़के एक वाहन चालक ने घायल अवस्था में तेंदुए को देखा तो उसने विभाग को सूचित किया। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची तब तक तेंदुए की जान जा चुकी थी।
तेंदुए का शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। फिलहाल, दुर्घटना कैसे हुई इसके कारणों का पता लगाया जा रहा है। ये हादसा सनावद से ओंकारेश्वर के रास्ते में पड़ने वाले थापना गांव के पास हुई है।
भारी वाहन ने तेंदुए को रौंदा
खंडवा के ओंकारेश्वर में थापना गांव के पास सड़क दुर्घटना में तेंदुए की मौत हो गई। घटना सोमवार-मंगलवार की रात्रि लगभग 3 बजे की बताई जा रही है। हादसा कैसा हुआ इसकी जानकारी अब तक नहीं लग पाई। वनकर्मियों के अनुसार, किसी भारी वाहन ने तेंदुए को कुचला है। वह जिस तरह से घायलावस्था में मिला है, उससे यही प्रतीत होता है। मना जा रहा है कि घटना वाले समय तेंदुआ जंगल से हाईवे क्रॉस करके दूसरे छोर पर जा रहा होगा।
#खंडवा : #ओंकारेश्वर के थापना गांव के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से #तेंदुए की मौत। वन विभाग की टीम ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।@minforestmp #PeoplesUpdate #Leopard #Accident pic.twitter.com/E383j12bnG
— Peoples Samachar (@psamachar1) February 28, 2023
वन विभाग के अनुसार, लेपर्ड (तेंदुआ) अधिकतर रात के समय ही शिकार की तलाश में रहता है। इसी दौरान उसका रोड क्रॉस करना हुआ होगा और वाहन का तेज गति में निकलना, जिसके चलते यह घटना घटी होगी।
फॉरेस्ट टीम ने कराया पोस्टमार्टम
फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के मुताबिक, तेंदुए का पोस्टमार्टम वन्य प्राणी अधिनियम के तहत किया जाएगा। इसके लिए उसे घटनास्थल से खंडवा स्थित फॉरेस्ट डीपो लाया जा रहा है। यहां पशु चिकित्सक की टीम के द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में तेंदुए का पोस्टमार्टम किया जाएगा। इसके बाद उसका डीपो के अंदर ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। वन विभाग के डीएफओ मयंक शेखर के अनुसार, जिस वाहन से तेंदुए की जान गई उसकी तलाश की जा रही है। वाहन को जब्त कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्षेत्र में घूम रहे तेंदुए और बाघ
बता दें कि निमाड़ क्षेत्र में इन दिनों तेंदुए और बाघ देखे जा रहे हैं। इससे पहले भी बुरहानपुर के देड़तलाई इलाके में एक बाघ ने खेत में काम कर रहे मजदूर पर हमला कर उसकी जान ले ली थी। 2 दिन पूर्व भी देड़तलाई के आसपास के क्षेत्र में बाघ और तेंदुए को देखा गया था। वन विभाग के मुताबिक देड़तलाई के आसपास टाइगर रिजर्व एरिया होने से यहां वन्य पशु आते जाते रहते हैं।
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