
उज्जैन। लोकायुक्त उज्जैन की टीम ने शनिवार को नागदा के बिरला ग्राम थाने में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल योगेंद्र सेंगर को 4500 रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। यह रिश्वत एक विवाद में एफआईआर दर्ज न करने के एवज में मांगी गई थी।
क्या है मामला?
डीएसपी सुनील तालान ने बताया कि बिरला ग्राम निवासी बृजेश विश्वकर्मा और एक अन्य व्यक्ति के बीच रुपए के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था। इस मामले में हेड कॉन्स्टेबल योगेंद्र सेंगर ने एफआईआर दर्ज न करने के लिए फरियादी से 4500 रुपए की मांग की। सेंगर ने कहा कि यह राशि उप निरीक्षक आनंद सोनी को देनी है। आवेदक ने जिसकी शिकायत लोकायुक्त उज्जैन को कर दी।
उप निरीक्षक पर भी होगी कार्रवाई
लोकायुक्त ने आवेदक की शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें वह सही पाई गई। इसके बाद शनिवार को लोकायुक्त की टीम ने हेड कॉन्स्टेबल योगेंद्र सेंगर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। इस पूरे मामले में उप निरीक्षक आनंद सोनी का नाम भी सामने आया था, उनके खिलाफ भी जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लोकायुक्त की 10 सदस्यीय टीम, जिसमें विशाल रेशमिया, इसरार, श्याम शर्मा, और संदीप कदम शामिल थे। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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