
उदयपुर। राजस्थान के उदयपुर में चाकूबाजी में घायल स्टूडेंट की सोमवार (19 अगस्त) को मौत हो गई। कड़ी सुरक्षा के बीच आज (20 अगस्त) मृतक का अंतिम संस्कार किया गया। बच्चे को उसके पिता और चचेरे भाई ने मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा में उदयपुर रेंज आईजी अजयपाल लांबा के साथ प्रशासन के भी बड़े अधिकारी मौजूद रहे।वहीं उदयपुर में आज भी नेटबंदी रहेगी। स्कूल-कॉलेजों में भी छुट्टी रहेगी।
सुबह 4.30 बजे बच्चे के शव को परिवार को सौंपा गया था। करीब सात बजे मृतक के घर से शवयात्रा निकाली गई, जिसमें संख्या में लोग मौजूद थे। यात्रा के पूरे रास्ते पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। उदयपुर शहर में आज भी नेटबंदी रहेगी। ड्रोन से अंतिम संस्कार की निगरानी की गई। इस दौरान लोगों ने नारेबाजी भी की।
3 मांगों पर बनी सहमति, फिर हुआ अंतिम संस्कार
चार दिन पहले (16 अगस्त) को हुई चाकूबाजी की घटना में घायल स्टूडेंट की सोमवार दोपहर मौत हो गई। जिसके बाद उसके अंतिम संस्कार को लेकर प्रशासन व परिजनों के बीच बातचीत चलती रही। वहीं परिजन तीन मांगों पर सहमति बनने के बाद अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। इनमें 51 लाख रुपए की आर्थिक सहायता, परिवार के 1 सदस्य को संविदा पर नौकरी और एसटी-एससी एक्ट मामले में कार्रवाई की मांग शामिल है।
आरोपी छात्र को भेजा गया बाल सुधार गृह
हमला करने वाले छात्र को बाल न्यायालय में पेश करने के बाद बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। उसके पिता अभी भी पुलिस की गिरफ्त में है, उनसे पूछताछ की जा रही है। जिला कलेक्टर अरविंद कुमार पोसवाल ने बताया कि, आरोपी का घर ढहाने के बाद वहां से धारदार हथियार बरामद हुए। गिराए गए मकान में वे लोग किराए पर रहते थे।
पहले काटी बिजली, फिर चला बुलडोजर
17 अगस्त को आरोपी स्टूडेंट के घर के अवैध निर्माण को तोड़ दिया गया। सबसे पहले उसके घर के बिजली कनेक्शन को काटा गया। फिर घर खाली कराया गया। अधिकारियों के मुताबिक अवैध निर्माण की जमीन वन विभाग की है।
10 पॉइंट में जानिए क्या है मामला
- 16 अगस्त को उदयपुर शहर के एक सरकारी स्कूल में 10वीं में पढ़ने वाले छात्र पर उसी के सहपाठी ने चाकू से हमला कर दिया। इसके बाद उसे महाराणा भूपाल (एमबी) हॉस्पिटल में एडमिट किया गया। दोनों छात्र नाबालिग हैं।
- उदयपुर कलेक्टर के मुताबिक, चाकूबाजी में घायल छात्र की किडनी में कुछ समस्याएं हैं, जिसकी वजह से एक्सपर्ट डॉक्टर बुलाए गए हैं।
- हमलावर छात्र के सोशल मीडिया चैट से पता चला कि वह तीन दिन से हमले की प्लानिंग कर रहा था।
- मामले के विरोध में लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया। इसमें आगजनी जैसी घटनाएं भी हुईं।
- मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन को शहर में धारा 144 लागू की करनी पड़ी।
- उदयपुर कमिश्नर राजेंद्र भट्ट ने इंटरनेट बंद करने का आदेश जारी किया।
- स्कूल की प्रिंसिपल ईशा धर्मावत ने बताया कि उन्हें झगड़े की जानकारी नहीं थी। नाबालिग आरोपी छात्र को करीब 8 घंटे बाद डिटेन किया गया।
- नगर निगम ने हमलावर छात्र के घर पर अतिक्रमण हटाने का नोटिस चस्पा किया। मौके पर कलेक्टर अरविंद पोसवाल और नगर निगम कमिश्नर राम प्रकाश भी मौजूद रहे।
- नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि गिराए गए अतिक्रमण में तीन कमरे, एक किचन और एक बेसमेंट में दुकान शामिल हैं।
- घटना के बाद शिक्षा विभाग ने स्कूल में धारदार हथियार, चाकू, कैंची, छुरी या अन्य कोई धारदार हथियार ले जाने पर पाबंदी लगा दी है।