
राजस्थान। ‘उदयपुर चाकूबाजी’ केस में प्रशासन सख्ती से पेश आ रहा है। लोगों के आक्रोश को देखते हुए अतिक्रमण करके बनाए गए आरोपी छात्र के घर पर बुलडोजर चला दिया गया। 16 अगस्त को वन विभाग और नगर निगम ने तीन दिन में घर खाली करने का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन तय समय से पहले ही बुलडोजर एक्शन में आ गया।
17 अगस्त को हमलावर स्टूडेंट के घर के अवैध निर्माण को तोड़ दिया गया। सबसे पहले उसके घर के बिजली कनेक्शन को काटा गया। फिर घर खाली कराया गया। अधिकारियों के मुताबिक अवैध निर्माण की जमीन वन विभाग की है। घटना के बाद से ही पूरे शहर में इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया गया था। इलाके में धारा 144 लागू है। साथ ही, प्रशासन ने अगले आदेश तक सभी निजी और सरकारी स्कूलों और कॉलेजों को बंद रखने के आदेश दिए हैं।
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10 पॉइंट में पढ़िए उदयपुर चाकूबाजी घटना, आखिर हुआ क्या था ?
- 16 अगस्त को उदयपुर शहर के एक सरकारी स्कूल में 10वीं में पढ़ने वाले छात्र पर उसी के सहपाठी ने चाकू से हमला कर दिया। इसके बाद उसे महाराणा भूपाल (एमबी) हॉस्पिटल में एडमिट किया गया। दोनों छात्र नाबालिग हैं।
- उदयपुर कलेक्टर के मुताबिक, चाकूबाजी में घायल छात्र की किडनी में कुछ समस्याएं हैं, जिसकी वजह से एक्सपर्ट डॉक्टर बुलाए गए हैं।
- हमलावर छात्र के सोशल मीडिया चैट से पता चला कि वह तीन दिन से हमले की प्लानिंग कर रहा था।
- मामले के विरोध में लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया। इसमें आगजनी जैसी घटनाएं भी हुईं।
- मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन को शहर में धारा 144 लागू की करनी पड़ी।
- उदयपुर कमिश्नर राजेंद्र भट्ट ने इंटरनेट बंद करने का आदेश जारी किया।
- स्कूल की प्रिंसिपल ईशा धर्मावत ने बताया कि उन्हें झगड़े की जानकारी नहीं थी। नाबालिग आरोपी छात्र को करीब 8 घंटे बाद डिटेन किया गया।
- नगर निगम ने हमलावर छात्र के घर पर अतिक्रमण हटाने का नोटिस चस्पा किया। मौके पर कलेक्टर अरविंद पोसवाल और नगर निगम कमिश्नर राम प्रकाश भी मौजूद रहे।
- नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि गिराए गए अतिक्रमण में तीन कमरे, एक किचन और एक बेसमेंट में दुकान शामिल हैं।
- घटना के बाद शिक्षा विभाग ने स्कूल में धारदार हथियार, चाकू, कैंची, छुरी या अन्य कोई धारदार हथियार ले जाने पर पाबंदी लगा दी है।