
राजस्थान। उदयपुर की घटना के 48 घंटे बाद जनजीवन सामान्य होता नजर आ रहा है। रविवार को शहर के कुछ इलाकों में बाजार खुले हैं। हालांकि, नेट पर पाबंदी की स्थिति पहले की तरह लागू है। शनिवार को आरोपी छात्र को बाल न्यायालय में पेश किया गया, जिसके बाद आज उसे बाल सुधार गृह भेज दिया गया। इस बीच घायल छात्र की मां उससे मिलने हॉस्पिटल पहुंची, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया। जिसके विरोध में वह शहर के मुखर्जी चौक पर धरने पर बैठ गई।
छात्र से न मिलने के कारण परिजनों का प्रदर्शन
रविवार को घायल छात्र से मिलने पहुंचे परिजनों और वहां तैनात प्रशासन के बीच तनातनी की स्थिति की बन गई। घायल छात्र की मां का आरोप है कि, सुबह 10 बजे जब वो अपने बेटे से मिलने गईं तो प्रशासन ने उन्हें मिलने नहीं दिया। इसे लेकर आक्रोशित महिला ने शहर के मुखर्जी नगर से रैली निकाली और बड़ी संख्या में लोगों के साथ हॉस्पिटल पहुंची। जिसके बाद मौके पर तैनात एसपी के समझाने के बाद लोग शांत हो गए। एसपी ने बताया कि, कंफ्यूजन के कारण यह स्थिति पैदा हुई। परिजनों को घायल छात्र से मिलने की कोई मनाही नहीं है। वे छात्र की मेडिकल स्थिति जान सकते हैं।
आरोपी छात्र को भेजा गया बाल सुधार गृह
हमला करने वाले छात्र को बाल न्यायालय में पेश करने के बाद बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। उसके पिता अभी भी पुलिस की गिरफ्त में है, उनसे पूछताछ की जा रही है। जिला कलेक्टर अरविंद कुमार पोसवाल ने बताया कि, आरोपी का घर ढहाने के बाद वहां से धारदार हथियार बरामद हुए। गिराए गए मकान में वे लोग किराए पर रहते थे।
पहले काटी बिजली, फिर चला बुलडोजर
17 अगस्त को आरोपी स्टूडेंट के घर के अवैध निर्माण को तोड़ दिया गया। सबसे पहले उसके घर के बिजली कनेक्शन को काटा गया। फिर घर खाली कराया गया। अधिकारियों के मुताबिक अवैध निर्माण की जमीन वन विभाग की है।
10 पॉइंट में जानिए क्या है मामला
- 16 अगस्त को उदयपुर शहर के एक सरकारी स्कूल में 10वीं में पढ़ने वाले छात्र पर उसी के सहपाठी ने चाकू से हमला कर दिया। इसके बाद उसे महाराणा भूपाल (एमबी) हॉस्पिटल में एडमिट किया गया। दोनों छात्र नाबालिग हैं।
- उदयपुर कलेक्टर के मुताबिक, चाकूबाजी में घायल छात्र की किडनी में कुछ समस्याएं हैं, जिसकी वजह से एक्सपर्ट डॉक्टर बुलाए गए हैं।
- हमलावर छात्र के सोशल मीडिया चैट से पता चला कि वह तीन दिन से हमले की प्लानिंग कर रहा था।
- मामले के विरोध में लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया। इसमें आगजनी जैसी घटनाएं भी हुईं।
- मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन को शहर में धारा 144 लागू की करनी पड़ी।
- उदयपुर कमिश्नर राजेंद्र भट्ट ने इंटरनेट बंद करने का आदेश जारी किया।
- स्कूल की प्रिंसिपल ईशा धर्मावत ने बताया कि उन्हें झगड़े की जानकारी नहीं थी। नाबालिग आरोपी छात्र को करीब 8 घंटे बाद डिटेन किया गया।
- नगर निगम ने हमलावर छात्र के घर पर अतिक्रमण हटाने का नोटिस चस्पा किया। मौके पर कलेक्टर अरविंद पोसवाल और नगर निगम कमिश्नर राम प्रकाश भी मौजूद रहे।
- नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि गिराए गए अतिक्रमण में तीन कमरे, एक किचन और एक बेसमेंट में दुकान शामिल हैं।
- घटना के बाद शिक्षा विभाग ने स्कूल में धारदार हथियार, चाकू, कैंची, छुरी या अन्य कोई धारदार हथियार ले जाने पर पाबंदी लगा दी है।
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