
भोपाल। साइबर ठगी करने वाले एक रैकेट के दो सदस्यों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। ये दोनों आरोपी चायनीज मॉड्यूल को बैंक खाता उपलब्ध कराते थे। भोपाल की क्राइम ब्रांच ने इनमें से एक को इंदौर और दूसरे को धार से पकड़ा है। इन दोनों ने भोपाल के एक युवक का खाता ठगों को उपलब्ध कराया था। इसके बाद ठगों ने युवक को टास्क फ्रॉड के बहाने 90 लाख से ज्यादा की चपत लगा दी। पुलिस का दावा है कि यह प्रदेश का पहला गिरोह है जो सीधा चायनीज ग्रुप के कांटेक्ट में है।
पार्ट टाइम जॉब के नाम पर चंगुल में फंसाया
भोपाल क्राइम ब्रांच के मुताबिक, इस मामले की शिकायत कटारा हिल्स में रहने वाले संजय कुमार ने की थी। संजय ने पुलिस को बताया था कि पिछले साल नवंबर में निकिता नामक युवती ने टेलीग्राम के जरिए पार्ट टाइम जॉब के लिए मैसेज किया। उसके बाद टेलीग्राम पर नव्या नामक युवती ने उन्हें रजिस्टर करवाया। इसके बाद टेलीग्राम मैसेज के जरिए संजय को कस्टमर केयर द्वारा काम के लिए गाइड किया गया। 16 नवंबर से 4 दिसंबर के बीच इन सभी ने मिलकर संजय कुमार से 15 अलग-अलग बैंक खातों में कुल 90 लाख 87 हजार 863 रुपए ट्रांसफर करवा लिए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। देखें वीडियो…
खाता उपलब्ध कराने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार
क्राइम ब्रांच ने इस मामले में आरोपी 25 साल के सतवीर सिंह निवासी विजय नगर इंदौर और 24 वर्षीय राहुल वसुनिया (24) निवासी धामनोद जिला धार को गिरफ्तार किया है। सतवीर जरूरतमंद लोगों की पहचान कर रुपयों का लालच देकर करंट अकाउंट खुलवा देता उसे चायनीज ठगों को बेच देता था। इसी तरह राहुल ने भी अपने आधार और पैन कार्ड के जरिए बैंक खाता खुलवाया और उसे सतवीर को दिया, जिसे उसने आगे बेच दिया। इन बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगों द्वारा रुपए ट्रांसफर करवाने के लिए किया जाता था। पकड़े गए आरोपियों से पांच मोबाइल फोन और सिमकार्ड भी जब्त किए गए हैं।
ऐसे होता है बैंक खातों के जरिए फ्रॉड
चीन में बैठे जालसाज इन बैंक खातों से धोखाधड़ी के लिए एक हाई-टेक सिस्टम का उपयोग करते हैं। बैंक ट्रांजेक्शन के लिए इन बैंक खातों से लिंक किए गए मोबाइल पर हर बार एक ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) आता है। इस ओटीपी के लिए आरोपी इन बैंक खातों में चाइनीज ठगों द्वारा भेजा गया कस्टम एंड्राइड एप्लीकेशन डाउनलोड कर देते थे। जिससे सभी ओटीपी चीन में बैठ ठगों के पास पहुंच जाते थे और वे आसानी से ये रकम विदेश में स्थित अपने खातों में ट्रांसफर कर लेते थे।
अब पुलिस को उम्मीद है कि सतवीर और राहुल से पूछताछ में चाइनीज माड्यूल और उनसे जुड़े अन्य लोगों को भी खुलासा होगा। इस खुलासे के बाद पुलिस ने एक बार फिर आम जनता को साइबर ठगी से बचने के लिए एडवाइजरी जारी की है, जिसमें किसी भी व्यक्ति से बैंक खाते की डिटेल या ओटीपी शेयर नहीं करने की सलाह दी गई है।