
इंदौर। साइबर फ्रॉड की बढ़ती घटनाओं को लेकर इंदौर के रिटेल गारमेंट व्यापारियों ने बीते 6 दिनों से यूपीआई पेमेंट स्वीकार करना बंद कर दिया था। व्यापारियों ने अपनी समस्याओं को लेकर वित्त मंत्रालय तक मेल किया था। इस बीच एडिशनल डीसीपी क्राइम राजेश दंडोतिया व्यापारियों से मिलने पहुंचे और उनकी समस्या सुनने के बाद यूपीआई पेमेंट स्वीकार करने के लिए उन्हें दोबारा आश्वस्त किया। वहीं मंगलवार को व्यापारियों के संघ ने एडिशनल डीसीपी को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं।
क्या है मामला?
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से रिटेल गारमेंट व्यापारी संघ ने यूपीआई पेमेंट लेने से इनकार कर दिया था। उनका कहना था कि साइबर फ्रॉड के कारण उनके खातों में फर्जी ट्रांजेक्शन हो रहे हैं, जिससे 25 से अधिक व्यापारियों के खाते फ्रीज कर दिए गए हैं। इस कारण व्यापारी काफी परेशान हैं।
व्यापारियों की समस्याओं की जानकारी मिलने पर एडिशनल डीसीपी क्राइम राजेश दंडोतिया ने व्यापारियों से मुलाकात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। इसके बाद व्यापारियों ने यूपीआई पेमेंट स्वीकार करना दोबारा शुरू कर दिया।
व्यापारी संघ के प्रतिनिधि ने सौंपा ज्ञापन
हालांकि, व्यापारियों का कहना है कि उनकी समस्या पूरी तरह से हल नहीं हुई है। आज अहिल्या चैंबर्स ऑफ कॉमर्स और रिटेल गारमेंट व्यापारी संघ के प्रतिनिधि एडिशनल डीसीपी से मिलने पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में व्यापारियों ने मांग की कि अगर किसी व्यापारी के खाते से फर्जी ट्रांजेक्शन होता है, तो पूरे खाते को फ्रीज करने के बजाय केवल उस विशेष ट्रांजेक्शन की जांच की जाए। इसके अलावा, व्यापारियों ने अन्य साइबर सुरक्षा उपायों की भी मांग की ताकि वे सुरक्षित रूप से डिजिटल भुगतान स्वीकार कर सकें।