
जम्मू। भारतीय रेल ने दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल चिनाब रेल ब्रिज पर गुरुवार को ट्रेन के परिचालन का सफल ट्रायल किया है। भारतीय रेलवे ने 8 कोच मेमू ट्रेन को चलाकर ट्रायल किया गया। इस ट्रेन ने रामबन जिले के संगलदान और रियासी के बीच करीब 46 किमी की दूरी तय की है। इस दौरान ट्रेन की स्पीड 40 किमी प्रति घंटे रही। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्वयं एक्स के माध्यम से इसकी जानकारी दी है।
यह पुल रामबन जिले के संगलदान और रियासी के बीच बनाया गया है। इस लाइन पर रेल सेवाएं जल्द ही शुरू होंगी। इससे पहले 16 जून को ब्रिज पर इलेक्ट्रिक इंजन का सफल ट्रायल भी किया गया था। जल्द ही उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक परियोजना के तहत ट्रेन के जरिए कश्मीर जाने वालों का सपना पूरा होने वाला है।
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सफल ट्रायल पर गूंजे भारत माता की जय के जयघोष
भारतीय रेलवे के अनुसार ट्रेन संगलदान से 12:35 बजे निकली और 14:05 बजे रियासी रेलवे स्टेशन पर पहुंची। इस दौरान रास्ते में ट्रेन 9 सुरंगों से होकर गुजरी, जिनकी कुल लंबाई 40.787 किमी है। इसके साथ ही सबसे लंबी सुरंग टी-44 11.13 किमी लंबी थी। ट्रेन में परियोजना पर काम करने वाले कर्मचारियों को बिठाया गया था। इसके अलावा रेलवे के अधिकारी भी उसमें मौजूद रहे। ट्रेन के रियासी रेलवे स्टेशन पर पहुंचते ही भारत माता की जय के जयघोष गूंज उठे। मौके पर स्थानयी लोग इन पलों का साक्षी बनने के लिए उपस्थित रहे।
पहली पूर्ण ट्रेन चिनाब नदी पर दुग्गा और बक्कल स्टेशनों के बीच प्रतिष्ठित पुल को पार कर गई, जो दुनिया का सबसे ऊंचा आर्च रेलवे पुल है। रियासी, बक्कल, दुग्गा और सावलकोटे स्टेशन जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित हैं।

एफिल टॉवर से भी ऊंचा है ब्रिज
जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी के ऊपर बना रेल ब्रिज पेरिस के एफिल टॉवर से भी ऊंचा है। इस पुल की ऊंचाई 359 मीटर है और एफिल टॉवर की ऊंचाई 300 मीटर है।