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प्रदेश में 5.90 लाख सरकारी कर्मचारी, इनमें तीन लाख 45 वर्ष से कम उम्र के

कुछ सालों से हो रही भर्तियों के चलते युवा कर्मचारियों की संख्या बढ़ी

अशोक गौतम-भोपाल। प्रदेश के सरकारी महकमों में पिछले कुछ सालों से भर्तियां होने के चलते युवा कर्मचारियों की संख्या बढ़ गई है। वर्तमान में विभिन्न विभागों में 5.90 लाख चतुर्थ से प्रथम श्रेणी तक नियमित कर्मचारी हैं, इनमें तीन लाख से अधिक 18 से 45 वर्ष तक उम्र के हैं। जबकि 45 वर्ष से अधिक आयु के कर्मचारियों की संख्या 2.83 लाख है। प्रदेश के सरकारी विभागों में प्रथम श्रेणी कर्मचारियों में 45 वर्ष से कम आयु के अधिकारियों की संख्या दो हजार से अधिक है, जबकि इससे ज्यादा उम्र के करीब छह हजार हैं। तृतीय वर्ग में 18 से 62 वर्ष उम्र के 4.84 लाख कर्मचारी हैं।

युवा अधिकारियों की संख्या कम : युवा अधिकारियों की संख्या कम होने बड़ा कारण सरकार ने सेवानिवृत्ति की आयु 58 से 60 वर्ष और इसके बाद 62 वर्ष करने का निर्णय लिया था।

आउटसोर्स से काम कर रहे ढाई लाख और कर्मचारी

विभिन्न विभागों में आउट सोर्स के जरिए भी दो से ढाई लाख कर्मचारी काम करते हैं। इनमें भी ज्यादातर कर्मचारी 45 वर्ष से कम उम्र के हैं। ऐसे कर्मचारियों की विभिन्न विभागों में उनकी जरूरतों के अनुसार भर्ती की जाती है। यह सभी कर्मचारी लिपिक और चतुर्थ श्रेणी में रखे जाते हैं। वर्ग एक और दो के कर्मचारियों को रखने के लिए विभागों के स्तर पर अधिकार नहीं है।

इसलिए बढ़ गए युवा कर्मचारी

माना जा रहा है कि युवा कर्मचारियों की संख्या ज्यादा होने की मुख्य वजह शिवराज सरकार द्वारा सरकारी विभागों में की गई भर्ती है। पिछले दो साल के भीतर 60 हजार से अधिक विभिन्न पदों पर भर्ती की गई है। इनमें सबसे ज्यादा शिक्षक, पुलिस आरक्षक और स्वास्थ्य कर्मी हैं।

सरकार समय-समय पर कर्मचारियों की भर्तियां करती रही है, इसी के चलते युवा कर्मचारियों की संख्या ज्यादा है। शिवराज के कार्यकाल में पटवारी, शिक्षक, बाबू, स्टोनों की काफी भर्तियां हुई हैं। इसके पहले भी शिक्षक और कर्मचारियों की भर्ती हुई हैं। हां, यह बात जरूर है कि जिस अनुपात में सरकारी विभागों में भर्तियां होनी चाहिए उस अनुपात में नहीं हुई हैं। -सुधीर नायक,अध्यक्ष, मंत्रालय सेवा अधिकारी-कर्मचारी संघ

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