इंदौर। खजराना थाना क्षेत्र में 17 अगस्त की देर रात श्वान के विवाद के बाद गोली चलने की घटना में दो लोगों (जीजा-साले) की मौत हो गई थी। पीड़ित पक्ष द्वारा लगातार आरोपी गार्ड के घर को जमींदोज करने की मांग की जा रही थी। वहीं शुक्रवार सुबह नगर निगम और पुलिस प्रशासन द्वारा मकान को जमींदोज किया गया। कार्रवाई के दौरान करणी सेवा द्वारा मकान तोड़े जाने का विरोध भी किया गया, लेकिन पुलिस प्रशासन की समझाइश के बाद मकान को तोड़ दिया गया। इस दौरान निगम अमले के साथ प्रशासनिक टीम समेत भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
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मृतक विमल और राहुल[/caption]
करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने किया विरोध
शुक्रवार सुबह नगर निगम और पुलिस प्रशासन का अमला कृष्ण बाग कॉलोनी के बी- सेक्टर में पहुंचा। लेकिन, गोली चलाने वाले गार्ड राजपाल के मकान को ना तोड़े जाने का विरोध करणी सेना के कई कार्यकर्ता करते रहे। लगभग 3 घंटे के बाद करणी सेना के कार्यकर्ताओं को समझाइश के बाद मकान को जमींदोज किया गया। पीड़ित परिवार इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं दिखाई दिया। उनका कहना था कि नगर निगम ने केवल खानापूर्ति कर मकान का एक हिस्सा तोड़ा है। वहीं नगर निगम का इस मामले में कहना था कि सकरी जगह होने के कारण पोकलेन मशीन पूरी तरह से मकान को नहीं तोड़ पा रही थी। इस कारण से नगर निगम की मशीन जहां तक गई वहां तक मकान को तोड़ा गया।
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3 घंटे तक चली कार्रवाई
घटना को लेकर खजराना एसीपी कुंदन का कहना था कि जिस तरह से प्रशासन से पीड़ित परिवार ने मांग करी थी। उसी तरह से यह कार्रवाई की है। सुबह से ही करणी सेना के कई कार्यकर्ता मौके पर मौजूद थे और उनका विरोध था कि मकान को तोड़ा ना जाए, लेकिन उनको समझाइश देने के बाद 3 घंटे तक यह कार्रवाई चलती रही, लेकिन 11:00 बजे के करीब नगर निगम द्वारा मकान को तोड़ दिया गया।
(इनपुट – हेमंत नागले)
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