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तेलंगाना टनल हादसा : 13 दिन बाद भी फंसे मजदूरों का सुराग नहीं, केरल पुलिस के शव खोजी कुत्ते बचाव अभियान में शामिल

हैदराबाद। तेलंगाना के श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (एसएलबीसी) परियोजना की सुरंग में फंसे आठ मजदूरों को बचाने के प्रयास लगातार जारी हैं। 13 दिनों के बाद भी कोई सफलता नहीं मिल पाई है, जिसके चलते केरल पुलिस के शव खोजने वाले विशेष प्रशिक्षित कुत्तों (कैडेवर डॉग्स) को बचाव अभियान में शामिल किया गया है।

इन कैडेवर डॉग्स को विशेष रूप से लापता लोगों और शवों का पता लगाने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। अधिकारियों के अनुसार, केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुरोध पर इन कुत्तों को भेजा गया है।

कैडेवर डॉग्स को किया गया तैनात

केरल सरकार द्वारा जारी बयान के अनुसार, दो कैडेवर डॉग्स और उनके प्रशिक्षकों को गुरुवार सुबह हैदराबाद भेजा गया। इन कुत्तों की सूंघने की क्षमता इतनी तेज होती है कि वे सुरंग के अंदर फंसे लोगों या उनके अवशेषों का पता लगाने में मदद कर सकते हैं।

बचाव अभियान में तेजी लाने के लिए एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल), भारतीय सेना, नौसेना और अन्य एजेंसियां लगातार जुटी हुई हैं। हालांकि, अब तक मजदूरों की स्थिति को लेकर कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है।

22 फरवरी से फंसे हैं मजदूर

22 फरवरी को एसएलबीसी सुरंग में हादसा हुआ था, जिसमें आठ मजदूर फंस गए थे। सुरंग का एक हिस्सा ध्वस्त हो गया था, जिससे मजदूर अंदर ही फंस गए। शुरुआत में, बचाव कार्य में कई तरह की तकनीकों का इस्तेमाल किया गया, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली। एनडीआरएफ, भारतीय सेना, नौसेना और अन्य एजेंसियों के विशेषज्ञ लगातार प्रयास कर रहे हैं कि मजदूरों को किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

बचाव अभियान में रोबोटिक्स और वैज्ञानिक भी शामिल

अब बचाव कार्य को और उन्नत करने के लिए रोबोटिक्स विशेषज्ञों और राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों की टीम भी सुरंग में भेजी गई है। दिल्ली स्थित राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने सुरंग के अंदर जाकर अध्ययन किया ताकि यह समझा जा सके कि वहां किस स्तर का कंपन या अन्य खतरे मौजूद हैं।

इस बीच, एक रोबोटिक्स कंपनी की टीम को भी सुरंग में भेजा गया, जिससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या रोबोट की मदद से अंदर की स्थिति का आकलन किया जा सकता है और फंसे लोगों तक पहुंचा जा सकता है।

टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) काटकर बाहर लाने की तैयारी

बचाव अभियान में लगे अधिकारियों के अनुसार, टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) के अंतिम हिस्सों को गैस कटर की मदद से काटकर बाहर निकाला जाएगा। इसके बाद, लोको ट्रेन के जरिए सुरंग के मलबे को हटाने और मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया जाएगा। बचाव दल पूरी सावधानी बरतते हुए काम कर रहा है, ताकि कोई अतिरिक्त दबाव सुरंग की कमजोर संरचना पर न पड़े और बचाव अभियान सफल हो सके।

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