
भिंड। जिले की मेहगांव उप जेल में बंद एक बंदी की जमानत के बाद छोड़ने के लिए रिश्वत की मांग करना महंगा पड़ गया। इस मामले में उप जेल के सहायक जेल अधीक्षक वासुदेव मांझी और प्रहरी उमेश चौहान को निलंबित कर दिया गया है। यह शिकायत जेल में बंद आरोपी की पत्नी ने की थी, इस पर भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने मामले की जांच कराई। जिसमें मामला सही पाया गया।
जानकारी के मुताबिक उमरी थाना क्षेत्र के ईश्वरी गांव की रहने वाली नील चौहान पत्नी राजेश सिंह राजावत पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि मैं जेल में बंद अपने पति से मुलाकात करने के लिए पहुंची थी। पति की जमानत न्यायालय द्वारा दिए जाने के बाद ड्यूटी पर मौजूद प्रहरी उमेश चौहान द्वारा रोक लिया गया।
जेल में पति से मिलने पहुंची थी महिला
आधिकारिक जानकारी के अनुसार जिले के उमरी थाना क्षेत्र के ईश्वरी गांव की रहने वाली महिला नील चौहान ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि वह जेल में बंद अपने पति से मुलाकात करने के लिए पहुंची थी। पति की जमानत न्यायालय द्वारा दिए जाने के बाद ड्यूटी पर मौजूद प्रहरी उमेश चौहान द्वारा रोक लिया गया। इस दौरान सहायक जेल अधीक्षक वासुदेव मांझी से भी उसके द्वारा गुहार लगाई गई, इसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई।
पति छोड़ने के बदले मांगे थे 20 हजार
मुलाकात के बाद पति को जेल से छोड़ने के एवज में 20 हजार की रिश्वत की मांग की जा रही थी। बंदी राजेश सिंह की पत्नी द्वारा यह राशि दी गई तब उसका पति जेल से बाहर आ सका। फरियादी ने शिकायत के माध्यम से यह बात भी कही है कि इन लोगों द्वारा मांगी गई रिश्वत के पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं।
कलेक्टर ने कराई जांच
इस शिकायत के आधार पर कलेक्टर ने पूरे मामले की जांच कराई और कल सहायक जेल अधीक्षक मांझी एवं प्रहरी चौहान के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की।