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टैक्स का तकादा; होम विजिट कर रहे निकाय कर्मचारी, नेताओं का भी सहारा

सप्ताह में तीन मैसेज, समय पर जमा करें टैक्स, वरना लगेगी पेनल्टी
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टैक्स का तकादा; होम विजिट कर रहे निकाय कर्मचारी, नेताओं का भी सहारा

अशोक गौतम-भोपाल। आप का टैक्स बकाया है, समय पर टैक्स जमा कर दें। वरना पेनल्टी लग सकती है। अलर्ट वाले वाले 3 मैसेज सप्ताह में तीन बार नगरीय निकाय बकायादारों के मोबाइल पर भेज रहे हैं। दरअसल ये मैसेज उनके पास भेजे जा रहे हैं जिन्होंने लंबे समय से बिल और टैक्स जमा नहीं किया है। वहीं बड़े बकायादारों को अलर्ट भेजने के साथ-साथ कर्मचारी भी उनसे व्यक्तिगत मिलकर टैक्स जमा करने के लिए सुझाव भी दे रहे हैं।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने निकायों को इस वित्तीय वर्ष में करीब 4200 करोड़ रुपए टैक्स कलेक्शन का टारगेट दिया है। इसमें से निकायों ने अब तक 1600 करोड़ रुपए वसूल लिए हैं। टैक्स जमा करने के मामले में सबसे ज्यादा खराब स्थिति नगर परिषदों की है। इसके लिए निकाय जनप्रतिनिधियों का सहारा ले रहे हैं वहीं कैंप भी लगाए जा रहे हैं।

  • निकायों को तीन माह के अंदर करना होगा 2596 करोड़ को कलेक्शन
  • नगर निगमों की स्थिति नगर परिषद, नगर पालिका से थोड़ी बेहतर
  • उज्जैन नगर निगम 60 प्रतिशत वसूली कर सबसे आगे

सीएम का गृह शहर सबसे आगे

अभी तक के टैक्स कलेक्शन करने के मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का गृह शहर उज्जैन नगर निगम सबसे आगे हैं। यहां अभी तक 60 फीसदी टैक्स वसूली हो चुकी है। वहीं इस मामले में राजधानी भोपाल तीसरे नंबर (44 प्रतिशत वसूली) पर है, जबकि दूसरे नंबर (49 प्रतिशत वसूली) पर इंदौर शहर है।

असर: कम वसूली पर प्रभावित होगा वित्त आयोग का अनुदान

अगर निकायों में लक्ष्य से कम वसूली होती है तो उनके केन्द्रीय वित्त आयोग से आने वाली राशि कम हो सकती है। वित्त आयोग ने सभी निकायों को अपने आय के स्रोत बढ़ाने के लिए कहा है। जो इस मामले में विशेष प्रयास करते हैं उन्हें विशेष अनुदान दिए जाने का भी प्रावधान बनाया है।

टैक्स जमा नहीं करने से ये परेशानियां

  • निकायों में सड़क, स्ट्रीट लाइट के काम नहीं हो पा रहे हैं।
  • कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहे हैं।
  • अमृत योजना 2.0 के काम भी प्रभावित हो रहे हैं।

वसूली के लिए ये नवाचार

  • जनप्रतिनिधियों का सहारा : निकाय टैक्स वसूली के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बड़े बकायादारों के पास जा रहे हैं।
  • होम विजिट : कई निकायों में कर्मचारी बकायादारों के घर पर जा रहे हैं।
  • लोक अदालत : लोक अदालतों में छूट के आकर्षक ऑफर दिए जा रहे हैं।

देरी से मिल रहा वेतन

सभी कर्मचारियों की ड्यूटी आयुष्मान कार्ड बनाने में लगा दी गई है। वसूली नहीं होने से कर्मचारियों के वेतन दो तीन माह देरी से मिल रहे हैं। -सुरेन्द्र सिंह सोलंकी, अध्यक्ष नगर निगम अधिकारी-कर्मचारी संघ मप्र

निकायों को आत्मनिर्भर होना होगा

निकायों से टैक्स वसूली पर जोर देने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही तमाम आय का जरिया तैयार कर उन्हें आत्मनिर्भर भी होना पड़ेगा। -भरत यादव, आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग

People's Reporter
By People's Reporter

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