Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

तमिलनाडु में 100 करोड़ की क्रिस्टल मेथ जब्त! श्रीलंका पहुंचाने से पहले DRI ने पकड़ी खेप, 4 गिरफ्तार

तमिलनाडु के नागपट्टिनम जिले में DRI ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 137 किलो संदिग्ध क्रिस्टल मेथामफेटामाइन जब्त किया है, जिसकी कीमत अवैध ड्रग बाजार में 100 करोड़ से अधिक आंकी गई है। इस खेप को समुद्र के रास्ते श्रीलंका भेजने की तैयारी थी।
तमिलनाडु में 100 करोड़ की क्रिस्टल मेथ जब्त! श्रीलंका पहुंचाने से पहले DRI ने पकड़ी खेप, 4 गिरफ्तार
तमिलनाडु के नागपट्टिनम में DRI ने 137 किलो संदिग्ध क्रिस्टल मेथामफेटामाइन जब्त किया

तमिलनाडु के नागपट्टिनम जिले में डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 137 किलो क्रिस्टल मेथामफेटामाइन जब्त किया है। अंतरराष्ट्रीय अवैध ड्रग बाजार में इसकी कीमत 100 करोड़ रुपए से ज्यादा आंकी गई है। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, यह खेप समुद्री रास्ते से श्रीलंका भेजने की तैयारी थी। खुफिया सूचना के आधार पर चलाए गए इस ऑपरेशन में कथित तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ है और अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

नागपट्टिनम में DRI का बड़ा ऑपरेशन

नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत DRI अधिकारियों ने 16 और 17 अक्टूबर 2026 को तमिलनाडु के तटीय इलाके में निगरानी और तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों को खुफिया जानकारी मिली थी कि नागपट्टिनम जिले के एक तटीय गांव में नशीले पदार्थों की बड़ी खेप छिपाकर रखी गई है। सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में अधिकारियों को संदिग्ध मादक पदार्थ बरामद हुआ। जांच एजेंसी के मुताबिक, इस खेप को समुद्री मार्ग से श्रीलंका पहुंचाने की योजना थी। यह कार्रवाई तटीय इलाकों में सक्रिय कथित ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ अहम मानी जा रही है।

फुकेट-दिल्ली फ्लाइट के बाद 2 और पायलटों का ड्रग टेस्ट फेल, ड्यूटी से हटाए गए

कैसे सामने आई तस्करी की साजिश?

वित्त मंत्रालय की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, DRI को पहले से सूचना मिली थी कि नशीले पदार्थों की खेप को तटीय क्षेत्र में इकट्ठा किया जा रहा है। इसके बाद अधिकारियों ने संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी और निर्धारित समय के दौरान प्रवर्तन अभियान चलाया। जांच में सामने आई जानकारी के मुताबिक, तस्करी के लिए समुद्र में एक जहाज से दूसरे जहाज तक खेप पहुंचाने की योजना थी। इसके बाद नशीले पदार्थों को श्रीलंका भेजा जाना था। हालांकि, इस नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों, समुद्री मार्ग और कथित जहाजों के बारे में विस्तृत जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

बैगों में छिपाकर रखी गई थी 137 किलो क्रिस्टल मेथ

तलाशी के दौरान DRI अधिकारियों को छह बैग मिले। इन बैगों में चांदी की पन्नी में लिपटे कुल 27 पैकेट रखे हुए थे। प्रत्येक पैकेट का वजन लगभग 5 किलो बताया गया है। पैकेटों में सफेद क्रिस्टलीय पदार्थ मिला, जिसे क्रिस्टल मेथामफेटामाइन होने के संदेह में जब्त किया गया।

क्या है क्रिस्टल मेथामफेटामाइन?

क्रिस्टल मेथामफेटामाइन एक कृत्रिम रूप से तैयार किया जाने वाला उत्तेजक नशीला पदार्थ है। इसे आमतौर पर क्रिस्टल मेथ भी कहा जाता है। यह मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र पर असर डालता है और इसका सेवन गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है। इसके दुरुपयोग से नींद की कमी, बेचैनी, तेज धड़कन, मानसिक भ्रम और लंबे समय में गंभीर शारीरिक व मानसिक समस्याएं हो सकती हैं। इसकी अवैध खरीद-बिक्री और तस्करी सार्वजनिक स्वास्थ्य तथा कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती है।

 तुर्की से भारत लाया Drug माफिया नवप्रीत सिंह, 281 किलो हेरोइन से जुड़ा मामला, अमित शाह बोले- '2029 तक खत्म होंगे नार्को-कार्टेल'

संदिग्ध मास्टरमाइंड के ठिकाने से 10 लाख नकद बरामद

DRI की कार्रवाई केवल नशीले पदार्थों की बरामदगी तक सीमित नहीं रही। वित्त मंत्रालय की जानकारी के अनुसार, अधिकारियों ने एक संदिग्ध मास्टरमाइंड के ठिकाने की तलाशी भी ली। इस दौरान वहां से 10 लाख रुपए नकद बरामद किए गए। जानकारी के मुताबिक, यह रकम नशीले पदार्थों की बिक्री से जुड़ी हो सकती है। हालांकि, नकदी के स्रोत और कथित तस्करी नेटवर्क में इसकी भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। नकदी की बरामदगी से मामले की जांच का दायरा बढ़ सकता है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर सकते हैं कि खेप कहां से आई थी, इसके पीछे कौन लोग थे और इसे श्रीलंका तक पहुंचाने की योजना में किन लोगों की भूमिका थी।

NDPS एक्ट के तहत चार लोग गिरफ्तार

वित्त मंत्रालय के अनुसार, इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सभी को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेज (NDPS) एक्ट, 1985 के तहत कार्रवाई के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जांच एजेंसी अब कथित नेटवर्क के दूसरे सदस्यों, नशीले पदार्थों के स्रोत और तस्करी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले रास्तों से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर सकती है। यह भी अहम होगा कि बरामद खेप का अंतिम गंतव्य क्या था और समुद्र में एक जहाज से दूसरे जहाज तक इसे पहुंचाने की योजना को किस तरह अंजाम दिया जाना था।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...

Latest Posts