हरदा के भगवान सिंह की आठ साल की उम्र में चली गई थी आंखों की रोशनी; हौसला रहा कायम, ब्रेल लिपि से संवार रहे बच्चों का भविष्य
हरदा जिले के सुखरास निवासी भगवान सिंह कलम ने महज आठ साल की उम्र में आंखों की रोशनी खोने के बावजूद पढ़ाई नहीं छोड़ी। संघर्षों से जूझते हुए उन्होंने शिक्षक बनने का सपना पूरा किया। वर्ष 2006 में प्राथमिक शिक्षक नियुक्त हुए और आज ब्रेल लिपि व स्पेशल बोर्ड की मदद से बच्चों को पढ़ाकर उनके भविष्य में शिक्षा की रोशनी भर रहे हैं।
Uttam Tenguriya
5 Sep 2026


























