
भोपाल। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा की एक टिप्पणी को लेकर तहसीलदार और नायब तहसीलदारों ने कड़ा विरोध जताते हुए सामूहिक अवकाश पर जाने का निर्णय लिया है। भोपाल सहित पूरे राज्य में इस आंदोलन का असर देखने को मिल रहा है। राजस्व अधिकारी (कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा) संघ के नेतृत्व में तहसीलदारों ने 13 से 15 जनवरी तक अवकाश पर रहने की घोषणा की है।
क्या है मामला
10 जनवरी को राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने एक महिला तहसीलदार पर टिप्पणी की थी। इसे लेकर तहसीलदारों में आक्रोश है। इस घटना के विरोध में तहसीलदारों ने सोमवार को सामूहिक अवकाश पर जाने का फैसला किया। भोपाल के तहसीलदारों ने भी इस आंदोलन में हिस्सा लेते हुए कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को ज्ञापन सौंपा।
तहसीलदारों ने की सामूहिक बैठक
भोपाल जिले के एक दर्जन से अधिक तहसीलदारों ने सोमवार सुबह एक सामूहिक बैठक की। इसके बाद सभी ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने से पहले तहसीलदार टीएल (समयावधि) मीटिंग में शामिल हुए। बैठक के दौरान आगामी आंदोलन की रणनीति पर भी चर्चा की गई।
प्रभावित होंगी ये गतिविधियां
तहसीलदारों के अवकाश पर रहने से राजस्व विभाग के कई महत्वपूर्ण कार्य बाधित हो सकते हैं। इनमें भूमि विवादों का समाधान, नामांतरण, बंटवारा और अन्य राजस्व से जुड़े काम शामिल हैं। इसके अलावा, जनता के रोजमर्रा के कार्यों पर भी असर पड़ने की संभावना है।
तहसीलदारों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे 13 से 15 जनवरी तक सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। इसके बाद भी अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे आगे की रणनीति तय करेंगे। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा की इस विवाद पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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