
पल्लवी वाघेला भोपाल। चुनाभट्टी निवासी रोशनी श्रीवास्तव के घर हर होली पर खासी धूम रहती थी। शहर में रहने वाले रिश्तेदारों के अलावा मोहल्ले भर के करीबियों को न्योता दिया जाता थी। सभी होली के रंगों के साथ रोशनी के हाथों के पकवानों का जायका लेने उसके घर पहुंचते थे।
रोशनी ने बताया कि पहले कोरोना काल ने होली के उत्साह में ग्रहण लगा दिया और अब महंगाई के चलते वह खुद होली पर सबसे दूरी बनाए हुए हैं। रोशनी के परिवार में सास और तीन बच्चों सहित वह छह लोग हैं। रोशनी ने बताया कि कोविड के दौरान पैतृक बिजनेस ठप हो जाने से आर्थिक स्थिति डगमगा गई है। इस पर महंगाई इतनी तेजी से बढ़ी है कि उन्होंने घर से ही कपड़े- ज्वैलरी बेचने का काम शुरू किया। रोशनी ने बताया कि बुजुर्ग सास के कहने और होली के शगुन के नाम पर इस बार वह थोड़ी-सी गुजिया और पपड़ी बनाने वाली हैं। लेकिन न किसी को होली पर घर आने का न्योता दिया है और न किसी के घर जाने की प्लानिंग की है।
यह अकेली रोशनी की कहानी नहीं, बल्कि हर मिडिल क्लास परिवार का रोना है। शकर, आटा, तेल और बेसन जैसी चीजों के साथ ही रसोई गैस के दामों में भारी बढ़ोतरी ने गृहिणियों का सुख-चैन छिन लिया है। हर वक्त उन्हों घर का बजट मैनेज करने की चिंता बनी रहती है। ऐसे में आने वाले त्योहार उन्हें उत्साह की बजाए बोझ लगने लगे हैं। गृहिणियों के मुताबिक उन्होंने तो अपना इकट्ठा महीने भर का राशन भरने की आदत तक बदल दी है, क्योंकि ऐसा करने पर बाकी के खर्च चलाना मुश्किल हो जाता है।
होली पर यूं बढ़ी महंगाई
वस्तु 2021 2022 2023
सोयाबीन तेल 110 120 145
सरसों तेल 130 160 185
तुअर दाल 96 110 138
मूंग दाल छिलका 89 100 137
शकर 35 38 45
आटा 35 37 40
बेसन 75 83 97
घी 560 590 690
दूध 52 57 60
राशन खरीदारी में बदलाव
सामान्यत: परिवार मासिक राशन में कटौती कर उसे करीब आधा कर खरीद रहे हैं।
वस्तु पहले वर्तमान
तेल 15 लीटर 5 लीटर
तुवर दाल 5 किलो 1 से 1.5 किलो
मूंग दाल 3 किलो 500 ग्राम
बेसन 5 किलो 2 किलो
शकर 5 किलो 3 किलो
आटा 25 किलो 20 किलो
एलपीजी की कीमतें भी बढ़ीं
2021 2022 2023
रसोई गैस 825 905.50 1108.50
पेट्रोल 99.21 107.23 108.65
डीजल 89.76 90.87 93.90
हर चीज बजट के बाहर
अब त्योहार पहले की तरह धूम से मनाना बस की बात नहीं रही। हर चीज बजट के बाहर जा रही है। परंपरा निभाना मजबूरी है जिसे किसी तरह मैनेज करना पड़ता है। -पूजा राठौर, गृहिणी
मुश्किल से करते हैं मैनेज
शगुन के लिए कुछ चीजें बना रहे हैं, लेकिन इसे मैनेज करने में भी मुश्किल हुई है। अब तो चाय में भी शक्कर कटौती कर डाल रहे हैं, ऐसे में पकवान कैसे बनाएं। – नीरजा देवड़ा, गृहिणी