
श्योपुर। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले से मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक सरकारी अस्पताल में करीब तीन फीट पानी में पलंग पर महिला का शव पड़ा रहा है। उसका बेटा शव के पास बैठकर रोता रहा। युवक का कहना है कि मां की मौत के बाद उसे शव वाहन नहीं मिला। हालांकि, बाद में जब मीडिया पहुंची तो डॉक्टरों ने उन्हें शव वाहन उपलब्ध कराया गया।
बारिश की वजह से अस्पताल पहुंचने में हुई देरी
जानकारी के मुताबिक, मामला श्योपुर जिले के बड़ौदा का है। यहां भारी बारिश की वजह से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 3 फिट तक पानी भर गया था। जिसकी वजह से मरीजों को भी अस्पताल आने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच बड़ौदा के ही वार्ड 15 में रहने वाले राजकुमार आदिवासी की मां के पेट में दर्द उठा। लेकिन बारिश की वजह से वो मां को समय पर अस्पताल लेकर नहीं पहुंच पाया। वहीं अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मां को मृत घोषित कर दिया।
नहीं मिला शव वाहन
पीड़ित बेटे राजकुमार का कहना है कि, मां की मौत के बाद उसे अस्पताल प्रबंधन की तरफ से शव वाहन नहीं मिला। जिसकी वजह से अस्पताल में भरे पानी के बीच ही उसका शव बिस्तर पर रखा रहा और वह बिस्तर के पास ही पानी में बैठकर रोता रहा। शव वाहन का घंटों इंतजार करने के बाद भी अस्पताल प्रबंधन ने कोई खैर खबर तक नहीं ली।
मीडिया के पहुंचने पर मिला शव वाहन
इसके बारे में पता चलते ही मीडियाकर्मी अस्पताल पहुंचे। जिसके बाद मीडिया को देखते ही डॉक्टरों ने मामले में संज्ञान लिया और शव वाहन की व्यवस्था कर शव को घर पहुंचाया। वहीं अस्पताल के बीएमओ डॉ. अनिल बाथम का कहना है- मरीज को रात में दर्द हुआ, लेकिन ये हमारे पास सुबह लेकर आए। अस्पताल लाने से पहले ही मरीज की मौत हो चुकी थी। शव वाहन की व्यवस्था नगर पालिका के द्वारा की जाती है। उनसे संपर्क किया गया था और बाद में शव को घर पहुंचाया गया।