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रामनवमी के मौके पर पश्चिम बंगाल में हाई अलर्ट, 14 जिलों में तनाव का माहौल, VHP ने दी चेतावनी, कहा- ‘अगर हमला हुआ तो चुप नहीं बैठेंगे’

6 जनवरी को रामनवमी है। लेकिन इसके पहले से ही पश्चिम बंगाल के 14 जिलों में तनाव का माहौल है। कुछ जिलों में हिंसा की घटनाएं होने की वजह से पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स हाई अलर्ट पर है। गुरुवार से ही कोलकाता, मुर्शिदाबाद, हावड़ा, पूर्व और पश्चिमी मेदिनीपुर, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, सिलीगुड़ी, जलपाईगुड़ी, अलीपुरदुआर और कूचबिहार जैसे शहरों में भारी संख्या में पुलिसबल तैनात किए गए है। इसके साथ अप्रैल महीने में सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई है। बता दे कि पिछले कुछ सालों से रामनवमी राजनीति और सांप्रदायिक तनाव का मुद्दा बना हुआ है, जिस वजह से प्रशासन इस बार ज्यादा सख्त है। 

हिंसा को रोकने के लिए उठाए गए सख्त कदम 

दक्षिण बंगाल के ADG सुप्रतिम सरकार ने बताया कि रामनवमी के मौके पर गड़बड़ी फैलाने की साजिश की खुफिया जानकारी मिली है। इसलिए हालात को काबू में रखने के लिए सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

वहीं कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज वर्मा ने निर्देश दिया है कि रामनवमी के जुलूस में कोई भी व्यक्ति हथियार लेकर नहीं निकलेगा। उधर, उत्तर बंगाल के एक पुलिस अफसर ने बताया कि पहाड़ी जिलों में ज्यादा सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सभी लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।

विश्व हिन्दू परिषद ने की एक लाख रैली की घोषणा 

7 वर्ष से पश्चिम बंगाल रामनवमी के मौके पर राजनीति का केंद्र बना हुआ है। हाल ही में रामनवमी रैली की रिहर्सल के दौरान मालदा में तनाव हुआ था। लेकिन इस दौरान पुलिस ने बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी को मौके पर जाने से रोक दिया। वहीं दूसरी ओर विश्व हिन्दू परिषद (VHP) ने राज्य में एक लाख श्रीराम महोत्सव आयोजित करने की घोषणा की है। 

इसके साथ शुभेंदु ने नंदीग्राम में अयोध्या की तर्ज पर एक विशाल राम मंदिर बनाने की बात कही है, जिसकी नींव वे रामनवमी के दिन रखेंगे। बीजेपी ने चेतावनी दी है कि अगर रामनवमी की रैलियों पर हमला हुआ तो हिंदू समाज चुप नहीं बैठेगा और इसकी जवाबी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने पुलिस थाने का घेराव करने की भी धमकी दी है। 

संवेदनशील इलाकों में रैलियों पर ड्रोन से निगरानी की तैयारी

रामनवमी पर राज्य में इस बार दो हजार रैलियों का ऐलान हुआ है और डेढ़ करोड़ हिंदुओं के घरों से निकलने का दावा किया जा रहा है। अफवाहों पर नजर रखने के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। संवेदनशील इलाकों में निकलने वाली रैलियों पर ड्रोन से निगाह रखेगी।

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