
धार। मध्य प्रदेश के धार जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा बुधवार रात करीब 11 बजे बदनावर-उज्जैन फोरलेन पर ग्राम बामनसुता के पास हुआ, जब एक तेज रफ्तार गैस टैंकर ने पिकअप और कार को टक्कर मार दी। हादसे में दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और मृतकों के शवों को निकालने के लिए क्रेन का सहारा लेना पड़ा।
कैसे हुआ हादसा?
पुलिस के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब इंडेन गैस का टैंकर (GJ 34 AY 8769) रॉन्ग साइड से तेज गति में आ रहा था। सबसे पहले इस टैंकर ने बदनावर की ओर जा रहे एक पिकअप वाहन को टक्कर मारी। जिसके बाद उसके पीछे आ रही कार (MP 14 CD 2552) भी चपेट में आ गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप वाहन टैंकर के नीचे जा फंसा, जिससे उसमें सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, कार में सवार चार लोगों में से तीन की घटनास्थल पर ही जान चली गई, जबकि एक घायल ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया।
मृतकों और घायलों की पहचान
धार एसपी मनोज सिंह ने बताया कि मृतकों की पहचान उनके पास मिले दस्तावेजों से की जा रही है। अब तक रतलाम और मंदसौर जिले के तीन मृतकों की पहचान हुई है। इनमें अनिल व्यास (निवासी नामली, रतलाम), गिरधारी मखीजा (निवासी मंदसौर) और विरामलाल पिता प्रभुलाल (निवासी कोटड़ा बहादुर) शामिल हैं। शेष मृतकों और घायलों की पहचान उनके परिजनों के माध्यम से कराई जा रही है।
बचाव अभियान और पुलिस कार्रवाई
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। शवों को निकालने के लिए क्रेन मंगाई गई और डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पिकअप वाहन के अंदर फंसे घायलों को बाहर निकाला गया। घायलों को तत्काल बदनावर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उन्हें रतलाम रेफर कर दिया गया। टैंकर चालक भी गंभीर रूप से घायल है और पुलिस उसकी हालत पर नजर बनाए हुए है।
टैंकर चालक पर मामला दर्ज
बदनावर एसडीओपी अरविंद सिंह तोमर ने बताया कि टैंकर चालक की लापरवाही इस भीषण हादसे का कारण बनी। रॉन्ग साइड से तेज गति में आ रहे इस गैस टैंकर ने न सिर्फ यातायात नियमों की अनदेखी की, बल्कि कई लोगों की जान भी ले ली। पुलिस ने चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सड़क सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर से सड़क सुरक्षा और रात में भारी वाहनों की गति पर नियंत्रण की जरूरत को उजागर किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए ट्रैफिक नियमों को सख्ती से लागू करने और हाइवे पर निगरानी बढ़ाने की जरूरत है।
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