
चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म की तुलना डेंगू और मलेरिया और कोरोना से की है। साथ ही इसे पूरी तरह मिटाने की बात कही। सोशल मीडिया पर बीजेपी नेताओं समेत कई लोग उदयनिधि के बयान का विरोध कर रहे हैं। BJP आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने निशाना साधते हुए कहा कि, उदयनिधि ने देश की 80 फीसदी आबादी के नरसंहार का आह्वान किया है।
उदयनिधि स्टालिन का बयान
तमिलनाडु की सत्ता पर काबिज डीएमके सरकार में युवा कल्याण और खेल विकास मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने शनिवार को सनातन (2 सितंबर) उन्मूलन सम्मेलन में कहा कि, मच्छर, डेंगू, फीवर, मलेरिया और कोरोना, ये कुछ चीजें ऐसी हैं, जिनका केवल विरोध नहीं किया जा सकता, बल्कि उन्हें खत्म करना जरूरी होता है। सनातन धर्म भी ऐसा ही है। इसे खत्म करना हमारा पहला काम होना चाहिए। सनातन नाम संस्कृत का है। यह सामाजिक न्याय और समानता के खिलाफ है। कुछ चीजों का विरोध नहीं किया जा सकता, उन्हें खत्म ही कर देना चाहिए।
BJP आईटी सेल के प्रमुख ने कही ये बात
उदयनिधि के बयान पर BJP आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने निशाना साधते हुए कहा कि, ‘तमिलनाडु के CM एमके स्टालिन के बेटे और DMK सरकार में मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को मलेरिया और डेंगू से जोड़ा है। उनका मानना है कि इसे खत्म किया जाना चाहिए और केवल विरोध नहीं किया जाना चाहिए। संक्षेप में वह सनातन धर्म का पालन करने वाली भारत की 80 फीसदी आबादी के नरसंहार के लिए आह्वान कर रहे हैं। DMK विपक्षी गठबंधन की एक प्रमुख सदस्य और कांग्रेस की दीर्घकालिक सहयोगी है। क्या मुंबई बैठक में इस पर ही सहमति बनी थी?’
https://twitter.com/amitmalviya/status/1698042988457275834?s=20
उदयनिधि ने दी सफाई
अमित मालवीय की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद उदयनिधि स्टालिन ने उन्हें जवाब देते हुए कहा है कि, उन्होंने कभी भी सनातन धर्म को मानने वाले अनुयायियों के नरसंहार का आह्वान नहीं किया है। हालांकि, उदयनिधि ने अपने बयान पर कायम रहते हुए कहा कि,’मैं हाशिये पर पड़े समुदायों की तरफ से बोल रहा हूं, जो सनातन धर्म के कारण पीड़ित हैं।’
https://twitter.com/Udhaystalin/status/1698032382077800748?s=20
किसी भी कानूनी चुनौती के लिए तैयार : उदयनिधि
कानूनी कदम उठाने के बारे में विचार करने की बात को लेकर DMK नेता उदयनिधि ने कहा, मैं किसी भी कानूनी चुनौती के लिए तैयार हूं। हम ऐसी भगवा धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। हम, पेरियार, अन्ना और कलैगनार (करुणानिधि) के अनुयायी हैं और सामाजिक न्याय को बनाए रखने के लिए हमेशा लड़ते रहेंगे। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व में सामाजिक न्याय को बनाए रखने के लिए संघर्ष करते रहेंगे।