
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) के डायरेक्टर अरुण कुमार सिन्हा का निधन हो गया है। वे 61 साल के थे और कुछ समय से बीमार चल रहे थे। बुधवार को उन्होंने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे 1987 बैच के केरल कैडर के IPS अफसर थे और हाल ही में उन्हें सर्विस एक्सटेंशन दिया गया था।
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2016 से SPG डायरेक्टर के पद पर थे तैनात
अरुण कुमार सिन्हा 2016 से एसपीजी डायरेक्टर के पद पर तैनात थे। लिवर में दिक्कत होने के चलते उन्हें चार सितंबर को मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) के पास ही देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा का जिम्मा रहता है। वे केरल पुलिस में कई अहम पदों पर रहे। उन्होंने डीसीपी, कमिश्नर, रेंज आईजी, इंटेलिजेंस आईजी और एडमिनिस्ट्रेशन आईजी जैसे पद संभाले।
इंदिरा की हत्या के बाद हुआ था SPG का गठन
31 अक्टूबर 1984 को इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1988 में संसद में एसपीजी एक्ट पारित किया गया और इसका गठन हुआ। उस समय भी मौजूदा प्रधानमंत्री को ही सुरक्षा देने का प्रावधान था और पूर्व प्रधानमंत्रियों को नहीं। यही वजह थी कि वीपी सिंह की सरकार ने 1989 में राजीव गांधी का एसपीजी कवर हटा दिया था और फिर 1991 में राजीव गांधी की भी हत्या हो गई थी। जिसके बाद एसपीजी कानून में संशोधन हुआ और प्रावधान किया गया कि, पूर्व पीएम और उनके परिवार को पद से हटने के 10 साल बाद तक एसपीजी सुरक्षा मिलेगी।
वहीं 2003 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने इस कानून में फिर संशोधन किया। जिसके मुताबिक, पूर्व प्रधानमंत्री को पद छोड़ने के एक साल बाद तक ही एसपीजी कवर मिलेगा। एसपीजी एक्ट में मोदी सरकार ने संशोधन कर दिया था। इसके बाद ये सुरक्षा व्यवस्था सिर्फ मौजूदा प्रधानमंत्री को ही मिलती है।