वर्ल्ड डे फॉर लैबोरेट्री एनिमल : 'M-1' की कहानी, इंसानों की जिंदगी के लिए हर दिन मौत से जंग; 750 से ज्यादा जानवरों पर हो रही रिसर्च
मैं M-1 हूं.. यह मेरा कोई असली नाम नहीं है, मेरा कोड नेम है। जब से आंख खुली है, मेरी दुनिया लैब की चार दीवारों तक सीमित है। हर दिन मेरे शरीर पर नई दवाओं और केमिकल का टेस्ट होता है। दर्द होता है, डर लगता है.. लेकिन मैं कुछ बोल नहीं सकता।
Rohit Sharma
24 Apr 2026


























