
ग्वालियर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच में शुक्रवार को बहुचर्चित स्वर्ण रेखा नदी मामले में अफसरों को जमकर फटकार लगाई। अधिकारियों के रवैये पर नाराजगी जताते हुए युगलपीठ में मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस रोहित आर्य ने साफ शब्दों में कहा कि अगर नगर निगम के अफसर नहीं सुधरे तो मामला सीबीआई को सौंप देंगे। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि, “आप अमृत काल के नाम पर कोर्ट को भी गुमराह करने से बाज नहीं आ रहे हो। निगम के अधिकारी हाईकोर्ट में आकर झूठ बोल रहे है, सबको जेल भेज दूंगा।”… इस मामले में अदालत ने सोमवार तक खर्च का पूरा ब्यौरा पेश करने के आदेश दिए हैं।
कोर्ट ने मांगा 20 सालों के खर्च का ब्यौरा
6 महीने से हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में स्वर्ण रेखा नदी के मामले में सुनवाई चल रही है। कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान स्वर्ण रेखा के जीर्णोद्धार, ट्रंक लाइन बिछाने, कचरा प्रबंधन कलेक्शन, वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए सरकार से मिली राशि और उसके खर्च का ब्यौरा मांगा था। इसके बाद भी नगर निगम अब तक ब्यौरा पेश नहीं कर सका। सुनवाई के बाद याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अवधेश तोमर ने शुक्रवार को हुई सुनवाई की पूरी जानकारी दी।
#ग्वालियर : #स्वर्ण_रेखा_नदी मामले में हाईकोर्ट ने फिर जताई अधिकारियों के रवैये पर नाराजगी,जस्टिस #रोहित_आर्य ने दी चेतावनी, "अपनी आदतों में सुधार नहीं किया तो मामला होगा सीबीआई के सुपुर्द", सोमवार तक मांगा पूरा ब्यौरा मांगा,अधिकारियों से कहा, "आप अमृत काल के नाम पर कोर्ट को भी… pic.twitter.com/s1qQ0HKIr7
— Peoples Samachar (@psamachar1) April 12, 2024
नदी को नाला बना दिया- कोर्ट
हाईकोर्ट ने इससे पहले की सुनवाई में भी अधिकारियों पर कड़ी नाराजगी जाहिर की थी। कोर्ट ने कहा था कि पैसा नहीं है तो सरकार बता दे कि सब कुछ बांट दिया। हम राज्य में फाइनेंशियल इमरजेंसी घोषित कर देंगे।”…. जस्टिस रोहित आर्य ने उस वक्त भी कहा था कि स्वर्ण रेखा नदी में ट्रंक लाइन का पूरा प्लान दो। अब खुराफाती काम नहीं होगा। 68 साल में ग्वालियर का सीवेज सिस्टम कहां खड़ा है। स्वर्ण रेखा नदी को नाला बना दिया, नाला बनकर चोक हो गया है।”