
जबलपुर। मध्य प्रदेश को नया मुख्य न्यायाधीश मिल गया है। सुरेश कुमार कैत मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस होंगे। वर्तमान में दिल्ली हाई कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश के पद पर पदस्थ हैं। बता दें कि जस्टिस सुरेश कुमार कैत अनुसूचित जाति के हैं। ऑल इंडिया सीनियोरिटी लिस्ट ऑफ हाई कोर्ट जजेस की सूची में पांचवें स्थान पर हैं।
एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा की जगह लेंगे
वर्तमान में संजीव सचदेवा मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस के रूप में कार्यरत हैं। संजीव सचदेवा पंजाब, हरियाणा हाई कोर्ट से जबलपुर आए हैं। उनसे पहले न्यायमूर्ति शील नागू मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस थे।
कौन हैं जस्टिस सुरेश कुमार कैत ?
- जस्टिस सुरेश कुमार कैत हरियाणा के कैथल जिले से हैं। उनका जन्म 24 मई 1963 को कैथल के काकौत गांव में हुआ था।
- जस्टिस कैत ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से पूरी की।
- कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर करने के बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई पूरी की।
- जस्टिस सुरेश कुमार कैत ने 1989 में खुद को वकील के तौर पर पंजीकृत कराया था।
- शुरुआत में जस्टिस कैत ने केंद्र सरकार, भारतीय रेलवे और यूपीएससी के लिए केस लड़े।
- 2008 में उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट में अतिरिक्त जज के तौर पर नियुक्त किया गया।
- 2013 में उन्हें स्थायी जज के पद पर पदोन्नत किया गया।
जस्टिस सुरेश कैत का करियर
- जस्टिस सुरेश कुमार कैत ने 1989 में खुद को वकील के तौर पर पंजीकृत कराया था।
- शुरुआत में जस्टिस कैत ने केंद्र सरकार, भारतीय रेलवे और यूपीएससी के लिए केस लड़े।
- 2008 में उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट में अतिरिक्त जज के तौर पर नियुक्त किया गया।
- 2013 में उन्हें स्थायी जज के पद पर पदोन्नत किया गया।
जस्टिस सुरेश कैत के अहम फैसले
- जस्टिस सुरेश कुमार कैत ने जामिया हिंसा और सीएए विरोध जैसे कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई की है।
- जस्टिस कैत ने जामिया मिलिया इस्लामिया हिंसा मामले में अहम फैसला सुनाया है। इसमें उनके निष्पक्ष और संतुलित दृष्टिकोण की सराहना की गई थी।
- इसके अलावा, नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान, न्यायमूर्ति कैथ ने कानून और व्यवस्था पर जोर देते हुए न्यायिक स्वतंत्रता सुनिश्चित की।
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