
पाकिस्तान में मानसूनी बारिश के बाद आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या 320 पहुंच गई है। इसका सबसे ज्यादा असर पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में देखने को मिला है। अकेले बलूचिस्तान में बाढ़-बारिश के कारण 127 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है। इस बीच, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित बलूचिस्तान प्रांत का दौरा किया और लोगों को बचाव एवं पुनर्वास में हर संभव मदद देने का भरोसा दिलाया।
बाढ़ से कितना नुकसान हुआ?
बलूचिस्तान में आई बाढ़ से सड़कों पर पानी भर गया है, मकान ध्व्स्त हो गए। इस कारण जनता को आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ा और इसे कम करने के लिए कई लोग बचा हुआ सामान लेने घर के पास भी पहुंच रहे हैं। अचानक आई इस बाढ़ से लोगों को हेलीकॉप्टर और नाव की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पुल और राजमार्ग को भारी नुकसान पहुंचने से यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई है।
- वहीं बाढ़ आने के बाद बलूचिस्तान में खाने-पीने के सामान की भी किल्लत हो गई है। लोग जरूरी खाने-पीने का सामान खरीदने के लिए अपने घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।
- पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने कहा कि बलूचिस्तान में लगभग 13,000 घर या तो आंशिक या फिर पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।
नदियों का जलस्तर बढ़ा
- गौरतलब है कि मध्य जून से हो रही मानसूनी बारिश की वजह से पाकिस्तान में नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। कई जगहों पर रेल पटरियां जलमग्न हो गई हैं, जिससे पाकिस्तान और ईरान के बीच ट्रेन सेवा भी प्रभावित हुई है।
- पाकिस्तान का सिंध प्रांत भी बाढ़ से प्रभावित हुआ है। बाढ़ का असर कराची में भी दिखाई दिया। यहां अब तक कम से कम 70 लोगों की मौत हो चुकी है।
- राष्ट्रीय एवं प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में भी करीब 60 और पंजाब प्रांत में भी करीब 50 लोग बाढ़-बारिश की वजह से जान गंवा चुके हैं।
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पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने क्या कहा?
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने ट्वीट कर मुआवजा देने का ऐलान किया है। उन्होंने बाढ़ में जान गंवाने वालों के परिवार को 10 लाख रुपए और विस्थापित होने वाले लोगों को आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।