
अगस्त में रिलीज होनेवाली सनी देओल की फिल्म ‘गदर-2’ का सिने रसिक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। ट्रेड विश्लेषक मानते हैं कि 2001 की फिल्म ‘गदर-एक प्रेमकथा’ के बाद सनी ने अपने स्टारडम की लगाम ठीक से नहीं पकड़ी।
क्रिटिक्स के अनुसार यदि सनी बॉलीवुड के ढर्रे पर चलते तो उनके स्टारडम का अपना अलग ट्रेक हो सकता था। उन्हें यह मौका 1990 की फिल्म ‘घायल’ में भी मिला था। मगर वह चूक गए। अपनी पहली फिल्म से ही सनी ने अपना स्टार पॉवर दिखाना शुरू कर दिया था। इसके बाद अर्जुन, त्रिदेव,चालबाज, दामिनी, डर, घातक, बार्डर आदि दर्जन भर फिल्में उनकी शानदार परफॉर्मेंस का उदाहरण बनीं। हालांकि सनी ने इस बारे में कभी ढिंढोरा नहीं पीटा। क्रिटिक्स मानते हैं कि सनी हमेशा अपनी अलग राह चुनने में विश्वास रखते हैं।