Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

पटना: विश्वविद्यालय अधिनियम के विरोध में लोकभवन मार्च, शिक्षकोें और पुलिस के बीच झड़प

बिहार की राजधानी पटना में विशिष्ट विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 के विरोध में शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों ने राजभवन मार्च निकाला। जेडी विमेंस कॉलेज से शुरू हुआ मार्च करीब 100 मीटर आगे बढ़ा, तभी पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इस दौरान धक्का-मुक्की और झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
पटना: विश्वविद्यालय अधिनियम के विरोध में लोकभवन मार्च, शिक्षकोें और पुलिस के बीच झड़प
पटना: विश्वविद्यालय अधिनियम के विरोध में लोकभवन मार्च

बिहार राज्य विश्वविद्यालय और महाविद्यालय शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर यह मार्च निकाला गया था। इसमें पटना समेत अलग-अलग विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी और बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। प्रदर्शनकारी राज्यपाल को ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया। शिक्षकों ने नए कानून से विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता प्रभावित होने की आशंका जताते हुए अधिनियम वापस लेने की मांग की।

जेडी विमेंस कॉलेज से शुरू हुआ राजभवन मार्च

विशिष्ट विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 के विरोध में शनिवार को शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों ने पटना में राजभवन मार्च निकाला। बिहार राज्य विश्वविद्यालय और महाविद्यालय शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में निकले इस मार्च में विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के कर्मचारी शामिल हुए।

ये भी पढ़ें: सौरव दास का नंबर लीक होने का आरोप, एक घंटे में 300 कॉल और कई WhatsApp मैसेज का दावा; दिल्ली पुलिस पर उठाए सवाल

100 मीटर आगे बढ़ते ही पुलिस ने रोका

मार्च जेडी विमेंस कॉलेज से शुरू हुआ था, लेकिन करीब 100 मीटर आगे बढ़ते ही पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। प्रदर्शनकारी हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर नए विश्वविद्यालय अधिनियम के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने के लिए राजभवन जाना चाहते थे।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प

पुलिस के रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके चलते दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाया और कई शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया।

प्रदर्शन में महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल

राजभवन मार्च में पटना के अलावा विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी शामिल हुए। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद थीं। सभी ने नए कानून का विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग उठाई और विश्वविद्यालयों की प्रशासनिक व्यवस्था में स्वायत्तता बनाए रखने पर जोर दिया।

Breaking News

सरकार पर नियंत्रण बढ़ाने का आरोप

प्रदर्शनकारी शिक्षकों का आरोप है कि विशिष्ट विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 के जरिए सरकार विश्वविद्यालयों पर अपना नियंत्रण बढ़ाना चाहती है। उनका कहना है कि नए कानून से विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता प्रभावित हो सकती है और उच्च शिक्षा का ढांचा कमजोर पड़ सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कानून के जरिए राज्यपाल की शक्तियां कम कर सरकार का नियंत्रण बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

1976 का विश्वविद्यालय अधिनियम लागू रखने की मांग

संघर्ष मोर्चा ने 1976 के विश्वविद्यालय अधिनियम को लागू रखने और विशिष्ट विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 को वापस लेने की मांग की है। शिक्षकों का कहना है कि विश्वविद्यालयों के प्रशासन और शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए स्वायत्तता जरूरी है। इसी मांग को लेकर उन्होंने राजभवन मार्च किया और नए कानून के संभावित प्रभावों पर विरोध जताया।

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...

Latest Posts