भोपाल में बाल अधिकार संरक्षण आयोग की राज्य स्तरीय कार्यशाला, मुख्यमंत्री ने बच्चों की सुरक्षा पर दिया जोर, बोले- अपराधों में कमी आई

भोपाल। मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में सोमवार को एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिरकत की, जबकि महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया भी मौजूद रहीं। कार्यक्रम का फोकस शिक्षा का अधिकार (RTE) नियम, पॉक्सो अधिनियम 2012 और किशोर न्याय अधिनियम 2015 जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर रहा।
इस कार्यशाला में प्रदेशभर के महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारी शामिल हुए। बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड और सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने भी कार्यक्रम में भागीदारी की।
बालिकाएं सुरक्षित होंगे, तभी भारत सशक्त बनेगा : सीएम
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बाल सुरक्षा और जागरूकता को लेकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार बनने के बाद महिलाओं और बालिकाओं के खिलाफ अपराधों में कमी आई है। जब समाज में बच्चे और बालिकाएं सुरक्षित होंगे, तभी भारत सशक्त बनेगा।" मुख्यमंत्री ने रामायण का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान राम और लक्ष्मण ने असुरों का संहार किया लेकिन उनकी सेनाओं के निर्दोष सैनिकों को नहीं मारा। यह समाज के लिए एक महत्वपूर्ण सीख है कि समस्या की जड़ तक जाकर उसका समाधान किया जाए। उन्होंने आगे कहा, "रामायण हमें यह सिखाती है कि हमें किस मार्ग पर चलना चाहिए। बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने के लिए सरकार और समाज दोनों को मिलकर जागरूकता लाने की आवश्यकता है।"












