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केंद्रीय कर्मियों को श्रीश्री रविशंकर, इसरो चीफ दे रहे योग-ध्यान से लेकर नॉलेज-स्किल्स के टिप्स

पहली बार देश के 49 लाख कर्मचारियों को कई विशेषज्ञ दे रहे ऑनलाइन ट्रेनिंग
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केंद्रीय कर्मियों को श्रीश्री रविशंकर, इसरो चीफ दे रहे योग-ध्यान से लेकर नॉलेज-स्किल्स के टिप्स

राजीव सोनी-भोपाल। मोदी सरकार ने देश के करीब 49 लाख केंद्रीय कर्मचारियों के काम की गुणवत्ता बढ़ाने, साइबर क्राइम से बचने, टेंशन दूर करने, टाइम मैनेजमेंट और बेहतर स्वास्थ्य की ऑनलाइन ट्रेनिंग शुरू की है। यह पहला मौका है जब बड़े अफसर और छोटे कर्मचारियों को साल भर में 50 घंटे की ट्रेनिंग कंपलसरी की गई है।

खास यह है कि कर्मचारियों की चॉइस के लिए ‘इंटीग्रेटेड ऑनलाइन ट्रेनिंग’ प्लेटफार्म पर 1423 प्रकार के कोर्स मौजूद हैं। ट्रेनिंग और टिप्स देने वालों में श्रीश्री रविशंकर, इसरो चेयरमैन डॉ. एस सोमनाथ, अभिनव बिंद्रा, अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमनी, सिस्टर बीके शिवानी, अनुराग बेहार, आईएएस सुहास लालिनाकेरे यथिराज जैसे विशेषज्ञ शामिल हैं।

सुधरेगा विभागीय काम

पीएम मोदी का यह ड्रीम प्रोजेक्ट ‘नॉलेज और स्किल’ के साथ विभागीय कामकाज सुधारने के लिए शुरू किया गया है। विकसित भारत 2047 के मद्देनजर सभी केंद्रीय कार्यालयों की नागरिक सेवाएं सुधारने की खातिर कई तरह के मॉड्यूल बनाए गए हैं। विभागीय महत्व को देखते हुए कुछ चिन्हित ट्रेनिंग प्रोग्राम अनिवार्य भी किए गए हैं।

1.5 करोड़ से ज्यादा कोर्स

गृहमंत्रालय, विदेश, रक्षा, आयकर से लेकर सभी मंत्रालयों के अधिकारी- कर्मचारियों ने पहले सप्ताह के दौरान ही एक करोड़ साठ लाख से अधिक कोर्स कंप्लीट कर लिए। कुछ को 8- 10 कोर्स के सर्टिफिकेट मिल गए हैं। 19-25 अक्टूबर का शुरुआती सप्ताह अब 27 अक्टूबर तक बढ़ा दिया गया। इस सप्ताह में 4 घंटे की ट्रेनिंग कंपलसरी की गई है।

साइबर क्राइम से लेकर एआई तक

ट्रेनिंग प्रोग्राम में आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर अपने एक घंटे के लेक्चर में मल्टीपल टॉस्क कैसे पूरे करें, ध्यान, योग, टाइम और स्ट्रेस मैनेजमेंट के साथ पारिवारिक समस्याएं दूर करने जैसे टिप्स दे रहे हैं। कोड ऑफ कंडक्ट, साइबर स्पेस में कैसे सुरक्षित रहें, एआई टू रिवोल्यूशनरी गवर्नेंस एंड सोसायटी जैसे ज्वलंत विषय पर श्रीकांत वेलामकनी की ऑनलाइन क्लास चल रही है। साइबर क्राइम पर भी कई विशेषज्ञ एडवायजरी दे रहे हैं। कार्यस्थल पर महिलाओं से यौन प्रताड़ना, डॉग स्क्वॉड की र्वकिंग और रेलवे एक्सीडेंट जैसे विषय भी ट्रेनिंग प्रोग्राम में रखे गए हैं।

पैरेंट्स के लिए भी उपयोगी

मैंने पहले वीक में करीब 8 घंटे के सेशन अटेंड किए। मुझे लगता है मम्मी-पापा के लिए भी उपयोगी सामग्री है। साइबर क्राइम, योग, टाइम मैनेजमेंट, हैल्थ, वेलनेस और नेशनल एजुकेशन पॉलिसी पर एक्सिलेंट लेक्चर हैं। टू-वे कम्युनेकशन भी है सत्र के बीच में सवाल भी पूछे जा रहे हैं। - कुंज बिहारी आईआरएस (बदला हुआ नाम)

ट्रेनिंग का समय बढ़ाएं

साल के 50 घंटे की ट्रेनिंग मेंडेटरी है, लेकिन इसे और बढ़ाना चाहिए। इस स्टडी मटेरियल में क्रिमनल लॉ, विजिलेंस, ध्यान, कंडक्ट रूल्स, स्पोर्ट्स, चैट जीपीटी (आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस) और साइबर पर बढ़िया मटेरियल है। लेकिन सरकार को क्वांटिटी के बजाए क्वालिटी पर फोकस करना होगा। - नरेंद्र सिंह सुप्रिंटेंडेंट (बदला हुआ नाम)

People's Reporter
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