भोपाल। सीएम हाउस का घेराव के लिए आज निकले भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) कार्यकर्ताओं की रेडक्रॉस अस्पताल के पास पुलिस से झड़प हो गई। इस दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने कई जगह बैरिकेड्स उठाकर फेंक दिए। इस दौरान पुलिस पर पत्थर फेंके गए। पुलिस को अपने बचाव में लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान एनएसयूआई के प्रदेश सचिव अभिमन्यु तिवारी चोट लगने के कारण बेहोश हो गए। उनको अस्पताल भेजा गया। वहीं एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस की लाठी से अभिमन्यु बेहोश हुए हैं।
#WATCH NSUI workers hold protest against the New Education Policy (NEP) in Bhopal, Madhya Pradesh pic.twitter.com/JslTQegGRI
— ANI (@ANI) November 25, 2021
सीएम हाउस का घेराव करने यहां हुए थे एकत्रित
एनएसयूआई कार्यकर्ता शिक्षा बचाओ-देश बचाओ अभियान के तहत गुरुवार को सीएम आवास का घेराव करने करने पीसीसी मुख्यालय पर एकत्रित हुए थे। यहां पर पूर्व सीएम कमलनाथ, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, विधायक कुणाल चौधरी, एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज कुंदन, एनएसयूआई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विपिन वानखेड़े, प्रदेश अध्यक्ष मंजुल त्रिपाठी उपस्थित थे।
कलेक्टर और डीआईजी से संभाला मोर्चा
एनएसयूआई पीसीसी मुख्यालय से कार्यकर्ता सीएम हाउस का घेराव करने के लिए निकले। इस दौरान पुलिस ने कार्यकर्ताओं को घेरने के लिए रेडक्रॉस चौराहे के पास बैरिकेडिंग और वॉटर कैनन तैनात किए थे। इस दौरान कलेक्टर अविनाश लवानिया और डीआईजी इरशाद वली मौजूद थे। डीआई कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्वक गिरफ्तारी देने की बात कर रहे थे, तभी बैरिकेडिंग के पास पहुंचे कार्यकर्ताओं में से किसी ने पुलिस की तरफ पत्थर उछाल दिए। पुलिस ने कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज कर दिया। इसमें कई कार्यकर्ता घायल हो गए। पुलिस ने कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी शुरू कर दी।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया: कमलनाथ
पुलिस के लाठीचार्ज पर पूर्व सीएम कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा कि आदिवासी छात्रों की रुकी स्कॉलरशिप जारी करने और रोजगार देने की मांग को लेकर एनएसयूआई प्रदर्शन कर रही थी। शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हजारों छात्रों पर शिवराज सरकार के इशारे पर पुलिस ने बर्बरता पूर्वक लाठीचार्ज किया। उन्हें उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इस लाठीचार्ज में कई छात्र व एनएसयूआई के पदाधिकारी घायल हुए हैं। सरकार छात्रों को रोजगार दे नहीं रही, उनकी मांग मान तो नहीं रही, लेकिन उन पर बर्बर तरीके से लाठियां जरूर बरसा रही है। यह सरकार का तानाशाही रवैया है। एनएसयूआई के कार्यकर्ता व छात्र ऐसे किसी दमन से झुकने वाले नहीं है। छात्र हित में उनका संघर्ष सतत जारी रहेगा।