
भोपाल। यह राजधानी के प्रति समर्पण की एक नई परिभाषा है। कहानी चंद दिनों पहले चंद युवाओं और अलग-अलग फील्ड में अपना लोहा मनवा चुके एक्सपर्ट्स ने फैसला लिया कि देश की क्लीनेस्ट कैपिटल भोपाल को बेस्ट कैपिटल बनाया जाएगा। यही वजह रही कि मंगलवार को भोपाल एक साथ टीम (बेस्ट) का गठन हो गया। प्रदेश के मेडिकल एजुकेशन मिनिस्टर विश्वास कैलाश सारंग समन्वय भवन में इस टीम के गठन के साक्षी बने। बेस्ट की टीम का एकमात्र मोटो है भोपाल की पहचान बेस्ट कैपिटल के तौर पर होनी चाहिए, जिसके लिए सभी फील्ड के जानकार एक प्लेटफॉर्म पर जमा हों।
नॉन पॉलिटिकल रहेगी ऑर्गेनाइजेशन
इस कॉन्सेप्ट को जमीन पर उतारने वाले स्पर्श द्विवेदी के मुताबिक, बेस्ट एक नॉन पॉलिटिकल ऑर्गेनाइजेशन रहेगा और इसका फोकस राजा भोज की इस नगरी को नई पहचान देने पर ही रहेगा। आज हुए कार्यक्रम में इंडस्ट्री से राजीव अग्रवाल, संजीव अग्रवाल और मनोज मोदी, एजुकेशन से गौरव तिवारी और सिद्धार्थ चतुर्वेदी, मेडिकल फील्ड से डॉ. अजय गोयनका और अनुपम चौकसे, रिटेल इंडस्ट्री से तेजकुलपाल सिंह पाली और अजय देवनानी, एग्रीकल्चर से मुदित शेजवार, स्टार्टअप पर प्रदीप करम्बलेकर के साथ ही मीता वाधवा ने अपना संबोधन दिया। इस दौरान सभी ने एक स्वर में कहा कि भोपाल के विकास को तभी पंख लग सकते हैं, जब इंफ्रास्ट्रक्चर, टैलेंट, इन्वेस्टमेंट और एम्पलॉयमेंट का परफेक्ट कॉम्बिनेशन हो। कार्यक्रम में टीम बेस्ट के 500 मेंबर्स मौजूद रहे।
इंटरनेशनल एयरपोर्ट और फ्लाइट की जरूरत
स्पर्श ने बताया कि टीम बेस्ट ने अपने स्तर पर जो मांगें मिनिस्टर विश्वास सारंग के जरिए सरकार के सामने रखी थीं, उनमें से कई पर सरकार ने विचार किया है। भोपाल में बकायदा कन्वेंशन सेंटर बन रहा है, लेकिन ग्लोबल लेवल पर भोपाल की पहचान तभी बनेगी जब यहां से इंटरनेशनल फ्लाइट शुरू हों। टीम बेस्ट ने इसका प्रपोजल एक बार फिर सरकारों को भेजा है। कार्यक्रम में शामिल मंत्री सारंग ने इस दौरान कहा कि यह भोपाल के प्रति यहां के बाशिंदो के लगाव का सही उदाहरण है, क्योंकि टीम बस्ट में समाज के हर वर्ग और विधा के जानकार शामिल हैं।