
सागर। मध्य प्रदेश के सागर में दीवार गिरने से 9 बच्चों की मौत हो गई है। वहीं कई बच्चे गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इनमें से ज्यादातर बच्चों की उम्र 10 से 14 साल के बीच है। हादसा रविवार सुबह करीब 10 बजे रहली विधानसभा के शाहपुर में हुआ। जहां कई बच्चे मिट्टी के पार्थिव शिवलिंग बनाने के लिए इकट्ठा हुए थे। इसी दौरान एक मिट्टी की दीवार बच्चों के ऊपर गिर गई। जेसीबी से मलबा हटाकर शव और घायल बच्चों को बाहर निकाला गया।
4-4 लाख रुपए की आर्थिक मदद
CM डॉ मोहन यादव ने घटना पर शोक जताया है। उन्होंने “X” पर लिखा, ‘आज सागर जिले के शाहपुर में हुई अतिवृष्टि के कारण जर्जर मकान की दीवार गिरने से 9 मासूम बच्चों के काल कवलित होने की खबर सुनकर मन व्यथित है। घायल बच्चों के उचित इलाज के लिए जिला प्रशासन को निर्देशित किया है। भगवान से करबद्ध प्रार्थना है कि दिवंगत बच्चों की आत्मा को शांति प्रदान करें। हादसे में घायल अन्य बच्चों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं। जिन परिवारों ने मासूम बच्चों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मृतक बच्चों के परिजनों को शासन की तरफ से 4 -4 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। ।।ॐ शांति।।’
मुख्यमंत्री ने CMO और सब इंजीनियर को किया सस्पेंड
इस घटना के बाद सीएम डॉ मोहन यादव ने सख्त एक्शन लेते हुए दो अफसरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रारंभिक तौर पर इस घटना के बाद शाहपुर नगर परिष्द के प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) धनंजय गुमास्ता और नगर परिषद के सब इंजीनियर वीर विक्रम सिंह को सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही इस घटना की उच्च स्तरीय जांच भी जारी है। सीएम ने दोनों अफसरों को सस्पेंड करने के साथ ही कहा कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और उनकी सरकार में ऐसे लापरवाह अधिकारियों की कोई जगह नहीं हैं।
हादसे में इनकी गई जान

घटनास्थल पर पहुंचे रहली विधायक गोपाल भार्गव
हादसे की जानकारी मिलते ही पूर्व मंत्री और रहली के विधायक गोपाल भार्गव घटनास्थल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बच्चों के परिजनों से मुलाकात की।
शिवलिंग बनाने के दौरान हुआ हादसा
हरदौल मंदिर में शिवलिंग निर्माण एवं भागवत कथा का आयोजन चल रहा है। सावन के महीने में यहां सुबह से ही लोग शिवलिंग बनाने लग जाते हैं। रविवार (4 अगस्त) को भी शिवलिंग बनाने का काम शुरू हुआ। अवकाश का दिन होने की वजह से शिवलिंग बनाने के लिए आठ से 14 साल के बच्चे भी वहां संख्या में पहुंचे। पार्थिव शिवलिंग बनाने के दौरान अचानक मंदिर परिसर के बाजू वाली करीब पचास साल पुरानी एक कच्ची दीवार भराभराकर गिर गई।
50 साल पुरानी है दीवार
जानकारी के मुताबिक, मंदिर परिसर के पास पचास साल पुरानी यह दीवार जर्जर हो चुकी थी। इसके बाद भी इसे गिराया नहीं गया। सागर समेत प्रदेश के कई जिलों में इन दिनों भारी वर्षा हो रही है। सागर में 24 घंटे के अंदर ही 104 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। ऐसे में कच्चे व जर्जर मकानों की दीवार गिरने का खतरा और भी बढ़ गया है। मंदिर के पास स्थित सालों पुरानी मिट्टी की दीवार लगातार हो रही तेज बारिश नहीं झेल पाई और गिर गई।

रीवा में स्कूली बच्चों पर गिरी दीवार, 4 की मौत
एक दिन पहले शनिवार (3 अगस्त) को रीवा में भी ऐसा ही हादसा हुआ था। जहां गढ़ कस्बे में एक निजी स्कूल के पास जर्जर दीवार गिरने से कई बच्चे उसकी चपेट में आ गए। मलबे में दबने से 4 बच्चों की मौत हो गई, जबकी अन्य बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकरी मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल भेजा। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर दुख जताया। उन्होंने मृतक बच्चों के परिजन को 2-2 लाख रुपए की मदद की घोषणा की।
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जानकारी के मुताबिक, ग्राम गढ़ नईगढ़ी मोड़ पर सनराइज पब्लिक स्कूल के पास दीवार ढही। स्कूल की छुट्टी के बाद बच्चे घर जाने के लिए निकल रहे थे उसी वक्त जर्जर दीवार बच्चों के ऊपर गिरी। मलबे में 8 बच्चे और एक महिला दब गई। इनमें से 4 की मौत हो गई, जबकि चार बच्चों और एक महिला को सुरक्षित निकाला गया। बताया जा रहा है कि इमारत पुरानी थी, जर्जर दीवार बारिश और नमी को झेल नहीं पाई।
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