सीहोर में दशहरे पर जलेगा विद्युत मंडल के अधिकारियों के घमंड का रावण, 10 सिरों पर होंगे किसानों के सवाल

सीहोर। खेतों में झूलते बिजली के तार, करंट से होने वाले हादसे और कार्रवाई के इंतजार में भटकते पीड़ित परिवारों का आक्रोश अब दशहरे पर अनोखे विरोध प्रदर्शन के रूप में सामने आएगा। जिले के ग्राम चंदेरी में किसान एवं समाजसेवी एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में ग्रामीण किसान विद्युत मंडल के अधिकारियों की कथित लापरवाही और घमंड के प्रतीकात्मक रावण का दहन करेंगे। इस बार रावण के दस सिरों पर किसानों के दस सवाल और प्रमुख मांगें लिखी जाएंगी। किसानों ने इसका प्रतीकात्मक पोस्टर भी जारी किया है, जो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
चार माह का आंदोलन, फिर भी न्याय का इंतजार
किसान चार माह से आंदोलन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि ग्रामीण क्षेत्रों और खेतों में झूलते 11 केवी बिजली के तारों की शिकायतों के बावजूद समय पर सुधार नहीं किया गया। इसके चलते करंट से लोगों के घायल होने और जान गंवाने की घटनाएं हुईं। बिजली की चपेट में आकर पशुओं की मौत होने की शिकायतें भी सामने आई हैं। किसानों का सवाल है कि यदि बिजली लाइनों का समय पर निरीक्षण होता और शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता, तो क्या इन हादसों को रोका नहीं जा सकता था?
सीहोर से भोपाल तक गुहार, अब दशहरे पर विरोध
किसान एवं समाजसेवी एमएस मेवाड़ा के अनुसार, ग्रामीण किसान पिछले चार माह से अधिक समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। सीहोर से भोपाल तक धरना-प्रदर्शन करने के साथ मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री, कलेक्टर और पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। इसके बावजूद किसानों का दावा है कि उनकी प्रमुख मांगों पर अब तक संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। इसी नाराजगी को प्रतीकात्मक रूप देने के लिए चंदेरी में रावण दहन की तैयारी की जा रही है। इस विरोध से संबंधित पोस्ट भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही है। किसानों की मांग है कि खेतों और गांवों में झूलते 11 केवी सहित अन्य बिजली के तार तत्काल दुरुस्त किए जाएं, क्षतिग्रस्त खंभे बदले जाएं और लाइनों का नियमित निरीक्षण कराया जाए।
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अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग
किसान सीहोर विद्युत मंडल के अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री और श्यामपुर के सहायक यंत्री की भूमिका की जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जांच में लापरवाही प्रमाणित होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। किसानों का जोर है कि केवल आश्वासन नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था में ठोस सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए।
सतीश मेवाड़ा और सुगंध बाई के परिवार को न्याय की मांग
किसानों ने ग्राम बरबेली के घायल किसान सतीश मेवाड़ा के लिए 25 लाख रुपए मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग उठाई है। वहीं, ग्राम मोहोडिया में बिजली करंट से जान गंवाने वाली किसान महिला सुगंध बाई के पुत्र को उचित मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग की जा रही है।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन रहेगा जारी
एमएस मेवाड़ा ने कहा कि यह प्रदर्शन किसी व्यक्ति से व्यक्तिगत द्वेष का मामला नहीं, बल्कि किसानों की सुरक्षा और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की लड़ाई है। किसानों का कहना है कि जब तक हादसों पर रोक लगाने के ठोस कदम नहीं उठते, पीड़ित परिवारों को राहत नहीं मिलती और जिम्मेदारी तय करने की दिशा में कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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