सऊदी अरब में AH-6i हेलिकॉप्टर क्रैश, दो की मौत, हूतियों ने किया हमले का दावा

रियाद। सऊदी अरब के दक्षिण-पश्चिमी सीमावर्ती इलाके नजरान में एक सैन्य हेलिकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने से दो क्रू मेंबर्स की मौत हो गई। सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के मुताबिक, हादसे में शामिल हेलिकॉप्टर AH-6i मॉडल का हल्का टोही विमान था। यह हेलिकॉप्टर गश्त और निगरानी के काम में लगा था। गठबंधन के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने बताया कि दुर्घटना सऊदी नेशनल गार्ड मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र वाले इलाके में हुई। दूसरी ओर, हूती विद्रोहियों ने हेलिकॉप्टर को मार गिराने का दावा किया है। हालांकि, दोनों पक्षों के बयानों में हादसे की वजह को लेकर अंतर है।
गश्त के दौरान कैसे हुआ हादसा?
सऊदी गठबंधन की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, AH-6i हेलिकॉप्टर नियमित गश्त और निगरानी के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। इसी दौरान तकनीकी खराबी आने के बाद यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में दोनों क्रू मेंबर्स की मौत हो गई। हालांकि, तकनीकी खराबी से जुड़ी शुरुआती जानकारी के अलावा दुर्घटना के दूसरे कारणों पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने इस मुश्किल समय में उनके परिजनों को हिम्मत मिलने की कामना भी की। यह हादसा ऐसे इलाके में हुआ है, जो यमन की सीमा के करीब स्थित है और लंबे समय से क्षेत्रीय संघर्ष के कारण चर्चा में रहा है।
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हूतियों ने हेलिकॉप्टर गिराने का किया दावा
हेलिकॉप्टर दुर्घटना को लेकर हूती विद्रोहियों ने अलग दावा किया है। उनके सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि उनके संगठन ने नजरान के पास सऊदी अरब के एक सैन्य हेलिकॉप्टर को निशाना बनाया था। उनके मुताबिक, हेलिकॉप्टर सीमा के पास हूती ठिकानों पर कार्रवाई कर रहा था। हालांकि, हूतियों के दावे और सऊदी गठबंधन की ओर से बताई गई तकनीकी खराबी की वजह में अंतर है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि हेलिकॉप्टर किसी हमले का शिकार हुआ था या तकनीकी समस्या के कारण दुर्घटनाग्रस्त हुआ। ऐसे में दोनों पक्षों के बयानों को अलग-अलग समझना जरूरी है।
यमन में 159 बंदियों की रिहाई
हेलिकॉप्टर हादसे के बीच यमन में बंदियों की रिहाई की खबर भी सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति के मुताबिक, हूती विद्रोहियों ने संघर्ष से जुड़े मामलों में हिरासत में रखे गए 159 लोगों को रिहा किया है। रिहाई के बाद समिति ने इन लोगों को अपने घर लौटने की तैयारी में मदद दी। हूतियों का कहना है कि रिहा किए गए लोग यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करने वाले लड़ाके थे। संगठन ने बताया कि इन लोगों को आम माफी के तहत छोड़ा गया है।
आम माफी के तहत 323 कैदियों की रिहाई
हूती अधिकारी अब्देलकादर अल-मुर्तदा के अनुसार, पिछले महीने लाल सागर के पास अहम ठिकानों पर कब्जे के दौरान कई लोगों ने आत्मसमर्पण किया था। संगठन का दावा है कि हाल में रिहा किए गए बंदी भी इसी प्रक्रिया से जुड़े थे। हूतियों के मुताबिक, आम माफी के तहत अब तक कुल 323 कैदियों को छोड़ा जा चुका है।
यमन में संघर्ष और सऊदी अरब की सीमा के आसपास सुरक्षा की स्थिति लगातार अहम बनी हुई है। हेलिकॉप्टर हादसे और बंदियों की रिहाई से जुड़ी घटनाएं इस क्षेत्र के हालात को फिर चर्चा में ले आई हैं।




















