Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

Trump का बड़ा दावा! जल्द खत्म होगा ईरान युद्ध, क्या सस्ता होगा पेट्रोल, होर्मुज स्ट्रेट खोलने की तैयारी?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ जारी युद्ध जल्द खत्म हो सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि संघर्ष समाप्त होने के बाद अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों में भारी गिरावट आएगी।
Trump का बड़ा दावा! जल्द खत्म होगा ईरान युद्ध, क्या सस्ता होगा पेट्रोल, होर्मुज स्ट्रेट खोलने की तैयारी?
ईरान युद्ध पर ट्रंप का ऐसा दावा, अब पेट्रोल की कीमतों में बड़ी गिरावट की उम्मीद

अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। ट्रंप का कहना है कि ईरान के साथ संघर्ष बहुत जल्द समाप्त हो सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि युद्ध खत्म होने के बाद अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों में भारी गिरावट आएगी। वहीं, दूसरी ओर ईरान ने क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए सभी मोर्चों पर युद्ध रोकने की मांग की है। होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने की ईरान की पेशकश ने भी अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार का ध्यान खींचा है। ऐसे में सवाल है कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हो पाएगा और क्या इससे पेट्रोल-डीजल की कीमतों को राहत मिलेगी?

ट्रंप ने क्यों कहा- जल्द खत्म होगा ईरान युद्ध?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने केंटुकी में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ईरान के साथ जारी संघर्ष को लेकर उम्मीद जताई कि युद्ध बहुत जल्द समाप्त हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि संघर्ष खत्म होने के बाद अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों में बड़ी गिरावट आ सकती है। ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी सैन्य हमलों का बचाव करते हुए कहा कि इन कार्रवाइयों से ईरान की परमाणु क्षमताओं को कमजोर किया गया है। उनके मुताबिक, ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। ट्रंप ने अपने भाषण में इस सवाल पर भी जोर दिया कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए, क्योंकि इससे सुरक्षा संबंधी खतरे बढ़ सकते हैं। हालांकि, राष्ट्रपति के इस बयान का मतलब यह नहीं है कि युद्ध समाप्त करने पर अंतिम समझौता हो चुका है। संघर्ष का वास्तविक अंत इस बात पर निर्भर करेगा कि संबंधित देश सैन्य कार्रवाई रोकने और बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने पर सहमत होते हैं या नहीं।

भारत को राहत! ट्रंप ने रोका 100% टैरिफ वाला कदम, रूसी तेल पर नए प्रतिबंधों से मिली छूट

ईरान ने रखी शांति की शर्त

ईरान की ओर से भी संघर्ष समाप्त करने की मांग की गई है। ईरानी उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने कहा कि क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए सभी मोर्चों पर लड़ाई रोकना जरूरी है।  रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने लेबनान में इजरायल के सैन्य अभियान को समाप्त करने पर भी जोर दिया। ईरान का कहना है कि यदि क्षेत्र के किसी हिस्से में संघर्ष जारी रहता है, तो इससे व्यापक शांति प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। खतीबजादेह ने लेबनान की राजधानी बेरूत में स्थानीय नेताओं से मुलाकात भी की। उन्होंने संसद अध्यक्ष नबीह बेरी, प्रधानमंत्री नवाफ सलाम और विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत को सकारात्मक बताया। ईरान के रुख से स्पष्ट है कि वह केवल अमेरिका के साथ तनाव कम करने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि लेबनान समेत क्षेत्र के दूसरे हिस्सों में भी संघर्ष समाप्त करने की मांग कर रहा है।

अमेरिका और इजरायल पर समझौता तोड़ने का आरोप

ईरान ने अमेरिका और इजरायल पर सैन्य कार्रवाई के जरिए इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। खतीबजादेह के मुताबिक, लेबनान में युद्धविराम सुनिश्चित करने के प्रयास अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाए हैं। ईरानी अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि इजरायल अपने वादों का पालन नहीं करेगा और उसे रोकने की जिम्मेदारी अमेरिका की है। हालांकि, ये ईरान की ओर से लगाए गए आरोप हैं। इनके संबंध में सभी पक्षों के दावों और उपलब्ध स्वतंत्र जानकारी को अलग-अलग देखना जरूरी है। ईरान ने अमेरिकी सैन्य अभियान को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत गैरकानूनी बताते हुए दावा किया कि उसकी हवाई रक्षा प्रणाली और जवाबी कार्रवाई करने की क्षमता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। उसने अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा जारी रखने की बात भी कही है।

ईरान पर 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स' गिराने की तैयारी में अमेरिका, ट्रंप के प्लान से दुनिया में हलचल, जानिए कितना खतरनाक

होर्मुज स्ट्रेट को सात दिन में खोलने की पेशकश क्यों?

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव का सबसे बड़ा असर वैश्विक तेल आपूर्ति पर पड़ सकता है। इसकी एक प्रमुख वजह होर्मुज है, जो खाड़ी क्षेत्र से दुनिया के बाजारों तक तेल और गैस पहुंचाने वाला महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। सितंबर 2026 में ईरान ने अमेरिका के सामने एक प्रस्ताव रखा था। इसके तहत कुछ शर्तें पूरी होने पर सात दिनों के भीतर होर्मुज स्ट्रेट खोलने और परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत दोबारा शुरू करने की पेशकश की गई थी। इस प्रस्ताव में अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने, ईरानी तेल पर प्रतिबंधों में राहत देने और लेबनान को शामिल करते हुए युद्धविराम की शर्तें भी थीं। ईरान की इस पेशकश से बातचीत की संभावना जरूर बनी, लेकिन इसे स्थायी शांति समझौता नहीं माना जा सकता। आगे की प्रगति इस बात पर निर्भर करेगी कि अमेरिका इन शर्तों को स्वीकार करता है या नहीं और दोनों देश समझौते को लागू करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।

क्या ईरान युद्ध खत्म होते ही सस्ता हो जाएगा पेट्रोल?

ट्रंप ने दावा किया है कि युद्ध समाप्त होने पर अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों में भारी गिरावट आ सकती है। हालांकि, पेट्रोल के दाम केवल युद्ध की स्थिति से तय नहीं होते। कच्चे तेल की कीमत, रिफाइनिंग की लागत, परिवहन, आपूर्ति और बाजार की मांग भी इन पर असर डालती है। युद्ध समाप्त होने और होर्मुज स्ट्रेट पर आवाजाही सामान्य होने से तेल की आपूर्ति को राहत मिल सकती है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों पर दबाव कम होने की संभावना है। लेकिन इसका असर तुरंत दिखाई देगा, इसकी गारंटी नहीं है।

भारत पर क्या होगा असर?

भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए पश्चिम एशिया में शांति महत्वपूर्ण है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से भारत के आयात बिल, महंगाई और परिवहन लागत पर दबाव बढ़ सकता है। इसके उलट, यदि युद्ध समाप्त होता है, समुद्री मार्ग सुरक्षित होते हैं और तेल की आपूर्ति सामान्य होती है, तो भारत को भी राहत मिलने की संभावना बन सकती है। हालांकि, भारतीय पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतें केवल अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल पर निर्भर नहीं करतीं। रुपये की विनिमय दर, कर और घरेलू मूल्य निर्धारण भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

क्या जल्द खत्म होगा ईरान युद्ध?

फिलहाल ट्रंप ने युद्ध जल्द समाप्त होने की उम्मीद जताई है, जबकि ईरान ने व्यापक क्षेत्रीय युद्धविराम की मांग दोहराई है। होर्मुज स्ट्रेट खोलने का प्रस्ताव भी कूटनीतिक प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। लेकिन स्थायी शांति के लिए केवल बयान काफी नहीं होंगे। इसके लिए सैन्य कार्रवाई रोकना, समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, परमाणु कार्यक्रम पर मतभेद सुलझाना और समझौतों की शर्तों पर सहमति बनाना जरूरी होगा।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...

Latest Posts