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मनी लॉन्ड्रिंग केस में सत्येंद्र जैन को मिली जमानत, इन शर्तों का करना होगा पालन, कोर्ट ने कहा- ट्रायल जल्द खत्म होने के आसार नहीं

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मनी लॉन्ड्रिंग केस में सत्येंद्र जैन को मिली जमानत, इन शर्तों का करना होगा पालन, कोर्ट ने कहा- ट्रायल जल्द खत्म होने के आसार नहीं
दिल्ली के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता सत्येंद्र जैन को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने जमानत दे दी है। कोर्ट ने जमानत के फैसले में कहा कि ट्रायल के जल्द समाप्त होने की कोई संभावना नहीं दिख रही है। मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में फंसे जैन को 30 मई 2022 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार किया था। जमानत के दौरान कोर्ट ने तीन महत्वपूर्ण शर्तें भी लगाई हैं, जिनका पालन सत्येंद्र जैन को करना होगा।

जमानत पर रिहाई की तीन शर्तें

कोर्ट ने जैन को 50,000 रुपए के निजी मुचलके पर जमानत दी है। साथ ही, उनकी जमानत पर तीन कड़ी शर्तें भी लगाई गई हैं।
  1. गवाहों से संपर्क न करने की पाबंदी- जैन किसी भी गवाह या अन्य संबंधित व्यक्ति से संपर्क नहीं कर सकेंगे।
  2. मुकदमे को प्रभावित न करने की शर्त- वे किसी भी तरह से अदालती प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करेंगे।
  3. विदेश यात्रा पर रोक- अदालत की पूर्व अनुमति के बिना जैन भारत से बाहर यात्रा नहीं कर सकेंगे।

सत्येंद्र जैन पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप

सत्येंद्र जैन के खिलाफ जांच की शुरुआत 24 अगस्त 2017 को CBI द्वारा दर्ज की गई FIR के आधार पर हुई। ED ने आरोप लगाया था कि जैन ने अपनी 4 कंपनियों के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग की और इसका उपयोग 2015 से 2017 के बीच कई संपत्तियों की खरीद में किया। यह चल संपत्तियां दूसरे लोगों के नाम पर थी। इसके अलावा, उन पर दिल्ली और आसपास के इलाकों में कृषि भूमि की खरीद के लिए भी अवैध रूप से लोन चुकाने का आरोप था। जांच एजेंसी के अनुसार, पूछताछ के दौरान जैन संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके थे। मामले में उनकी पत्नी पूनम जैन, अजित प्रसाद जैन, सनील कुमार जैन, वैभव जैन और अंकुश जैन के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया था।

करीब 10 महीने अंतरिम बेल पर रहे

30 मई 2022 को गिरफ्तारी के बाद, जैन की जमानत याचिका को 17 नवंबर 2022 को ट्रायल कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके बाद जैन ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया, लेकिन 6 अप्रैल 2023 को हाईकोर्ट ने सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका जताते हुए उनकी जमानत याचिका ठुकरा दी। 26 मई 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने जैन को मेडिकल आधार पर अंतरिम जमानत दी, ताकि वे अपनी सर्जरी करवा सकें। 18 मार्च 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने नियमित जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया था।

अरविंद केजरीवाल ने कहा- ‘वेलकम बैक सत्येंद्र!’

सत्येंद्र जैन की रिहाई पर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर खुशी जाहिर की। केजरीवाल ने लिखा, "इनका कसूर क्या था? इनके यहां कई बार रेड हुई, लेकिन एक पैसा भी नहीं मिला। सत्येंद्र जैन का कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने मोहल्ला क्लीनिक बनवाए और दिल्ली के लोगों का मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया। गरीबों का फ्री इलाज रोकने के लिए मोदी जी ने इन्हें जेल में डलवा दिया। लेकिन भगवान हमारे साथ है, और आज ये भी रिहा हो गए। वेलकम बैक सत्येंद्र!" ये भी पढ़ें- Yayha Sinwar Death : याह्या सिनवार की मौत के बाद कौन होगा हमास का नया मुखिया, इन 5 लोगों की दावेदारी सबसे मजबूत
People's Reporter
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