Sanjay Leela Bhansali : चॉल में बिताया बचपन, साड़ी में फॉल लगाकर किया गुजारा; आज सिनेमा के जादूगर कहलाते हैं भंसाली

एंटरटेनमेंट डेस्क। बॉलीवुड में जब भी दिग्गज फिल्म डायरेक्टर्स का नाम लिया जाता है तो संजय लीला भंसाली को जरूर उस लिस्ट में पाया जाता है। ऐसे फिल्ममेकर जो इंडस्ट्री को ऊंचाइयों पर लेकर गए आज अपना 62वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रहे हैं। आज उनका जादू सिनेमा में इस कदर फैला हुआ है कि सेलिब्रिटी उनकी एक फिल्म में काम करने के लिए तरसते हैं। लेकिन क्या आपको पता है करोड़ों कमाने वाले भंसाली का बचपन बड़ी तंगी में एक चॉल में गुजरा। यहां तक की घर चलाने के लिए उन्होंने साड़ी में फॉल लगाने का काम भी किया। उनके इस खास दिन पर जानते हैं उनकी लाइफ से जुड़े कुछ अनसुने किस्से।
घर चलाने के लिए साड़ी में लगाई फॉल
भंसाली का जन्म 24 फरवरी 1963 को साउथ बॉम्बे में हुआ था। वे एक गुजराती जैन फैमिली से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता का नाम नवीन भंसाली और मां का नाम लीला भंसाली है। एक इंटरव्यू में संजय भंसाली ने अपने बचपन के बारे में बात करते हुए बताया था कि उनका बचपन काफी तंगी में निकला, वह घर चलाने के लिए साड़ी में फॉल लगाया करते थे। उन्हें चार साड़ी तो कभी 12 साड़ी मिल जाती थी। जिससे उनका गुजारा हो जाया करता था।
घर में रेंगते थे कॉकरोच, चूहे
इसी के साथ संजय लीला भंसाली ने उस घर के बारे में भी बताया था, जहां उन्होंने अपना बचपन गुजारा। वह एक चॉल में रहा करते थे, उनका पूरा परिवार एक छोटे से कमरे में रहता था जहां कभी चूहा तो कभी कॉकरोच उनके ऊपर से गुजर जाते थे। लेकिन वे कभी भी निराश नहीं हुए, उस घर से भी उनकी ढेरों यादें जुड़ी हैं।मल्टी टैलेंटेड हैं भंसाली
संजय लीला भंसाली ने अपनी किस्मत खुद बदली। आज के वक्त में वे ऐसे डायरेक्टर बने कि हर एक्टर और एक्ट्रेस का उनकी फिल्म में एक बार काम करना जरूर करना चाहते हैं। एक फिल्म के लिए वह करोड़ों रुपए खर्च करते हैं। संजय सिर्फ डायरेक्टर ही नहीं, फिल्म प्रोड्यूसर, स्क्रीनराइटर, एडिटर और म्यूजिक कंपोजर भी हैं।





















