
रामपुर। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री आजम खान के ठिकानों पर बुधवार को आयकर विभाग ने छापा मारा। ये छापेमारी लखनऊ, रामपुर, मेरठ, गाजियाबाद, सहारनपुर, सीतापुर में चल रही है। यह छापेमारी अल जौहर ट्रस्ट को लेकर हुई है। बताया जा रहा है कि आजम खान ने जो हलफनामा कोर्ट में दिया था उसमें कमियां पाई गई थीं। सपा के पूर्व विधायक और आजम खान के करीबी नसीर खान के घर पर भी आयकर विभाग ने छापेमार कार्रवाई की है।
जानकारी के मुताबिक, छापेमारी के वक्त सपा नेता आजम खान अपने रामपुर स्थित आवास पर थे। आजम खान की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के ट्रस्ट खातों की जांच हो रही है। ये इनकम टैक्स का बड़ा ऑपरेशन माना जा रहा है।
अली जौहर ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं आजम खान
आजम खान ने रामपुर में मौलाना अली जौहर के नाम पर अल्पसंख्यक यूनिवर्सिटी स्थापित की थी। यूनिवर्सिटी को मौलाना मुहम्मद अली जौहर ट्रस्ट संचालित करता है। इस ट्रस्ट के अध्यक्ष आजम खान हैं और उनकी पत्नी रामपुर शहर से विधायक डॉ. तंजीन फातिमा सचिव हैं। आरोप है कि आजम खान ने जौहर यूनिवर्सिटी को बनाने के लिए तमाम जमीन अधिग्रहण की थी। जिसे लेकर विवाद शुरू से रहा है। अब सरकार ने आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी की पूरी जमीन को टेकओवर कर लिया है। 173 एकड़ जमीन से कब्जा बेदखली की कार्रवाई की जा चुकी है।
हेट स्पीच मामले में दो साल की सजा
बता दें कि, आजम खान पर कई सारे आरोप हैं। कुछ महीने पहले हेट स्पीच मामले में रामपुर की एक अदालत ने उन्हें दो साल की सजा सुनाई थी। इसके साथ ही कोर्ट ने 1000 रुपए का जुर्माना भी लगाया था। फिलहाल सपा नेता जमानत पर बाहर हैं। साल 2019 में उन्होंने एक भड़काऊ भाषण दिया था, जिसको लेकर रामपुर के शहजादनगर के थाने में केस दर्ज हुआ था।
क्या है हेट स्पीच मामला ?
27 अक्टूबर 2022 को रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने आजम खान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रामपुर के तत्कालीन जिलाधिकारी के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने का दोषी करार देते हुए तीन साल कैद की सजा के साथ 10 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया था। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट निशांत मान की एमपी-एमएलए अदालत ने बाद में आजम को जमानत दे दी और उन्हें उच्च न्यायालय में अपील करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया।
उल्लेखनीय है कि आजम पर लोकसभा चुनाव के दौरान मिलक में एक चुनावी रैली के दौरान पीएम मोदी और तत्कालीन डीएम के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगा था। इस संबंध में कृषि विकास अधिकारी (एडीओ) अनिल कुमार चौहान ने 2019 में आजम के खिलाफ मिलक थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उस समय एडीओ चौहान वीडियो निगरानी अनुभाग के प्रभारी के पद पर तैनात थे।
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