सागर में वन विभाग की कार्रवाई, सागौन की 52 नग लकड़ी जब्त

सागर। मुखबिर की सूचना पर वन विभाग की टीम सुहेला निवासी भीकम सिंह के घर पहुंची, लेकिन वहां ताला लगा मिला। सरपंच और ग्रामीणों की मौजूदगी में तलाशी के दौरान लकड़ी बरामद हुई। अब वन विभाग लकड़ी के स्रोत, वैध दस्तावेजों और उसके भंडारण के उद्देश्य की जांच करेगा।
सागौन की लकड़ी के अवैध भंडारण पर कार्रवाई
सागर में वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व क्षेत्र से लगे गांवों में सागौन की लकड़ी के अवैध भंडारण को लेकर वन विभाग की कार्रवाई से हलचल बढ़ गई है। गेम परिक्षेत्र झापन की बीट सोमखेड़ा से लगे सुहेला गांव में मुखबिर की सूचना पर संयुक्त टीम ने दबिश दी। यहां से सागौन की 52 नग इमारती लकड़ी जब्त की गई है।
ये भी पढ़ें: मैहर जा रहे श्रद्धालुओं की बोलेरो नदी में गिरी, कानपुर के दो लोगों की मौत
सरपंच और ग्रामीणों की मौजूदगी में तलाशी
वनमंडल अधिकारी रजनीश सिंह के अनुसार, वनक्षेत्रपाल मनीषा मुकाती के नेतृत्व में परिक्षेत्र मोहली और झापन की संयुक्त टीम सुहेला निवासी भीकम सिंह पिता करण सिंह लोधी के घर पहुंची। घर बंद होने के कारण टीम ने ग्राम सरपंच और अन्य ग्रामीणों की मौजूदगी में आसपास तलाशी ली। इस दौरान सागौन की 52 नग इमारती लकड़ी बरामद हुई, जिसे वन विभाग ने जब्त कर लिया।
मुखबिर की सूचना पर पहुंची संयुक्त टीम
कार्रवाई में वन विभाग के मोहली और झापन परिक्षेत्र का अमला शामिल रहा। सुरक्षा और कार्रवाई में सहयोग के लिए पुलिस चौकी इमलिया का स्टाफ भी मौके पर मौजूद था। सर्च वारंट के आधार पर की गई इस कार्रवाई में लकड़ी की बरामदगी के बाद वन विभाग ने जांच शुरू की है।
लकड़ी कहां से आई, जांच से खुलेगा राज
सागौन जैसी कीमती इमारती लकड़ी की बरामदगी के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि लकड़ी कहां से लाई गई थी और उसका भंडारण किस उद्देश्य से किया गया था। क्या लकड़ी वैध स्रोत से प्राप्त की गई थी या इसके पीछे अवैध कटाई और परिवहन का मामला है। इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।
वन संपदा की सुरक्षा पर विभाग की नजर
टाइगर रिजर्व से लगे वन क्षेत्रों में वन संपदा की सुरक्षा के लिहाज से यह कार्रवाई महत्वपूर्ण है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि वन विभाग लकड़ी के स्रोत और उसके वैध दस्तावेजों की पड़ताल में आगे क्या कदम उठाता है। साथ ही संबंधित जिम्मेदारियों की जांच से मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।




















