PU Special :दलित सियासत का मास्टरस्ट्रोक-भाजपा, संत रविदास लोक से साधेगी यूपी और पंजाब विधानसभा के चुनावी समीकरण

सागर जिले में 100 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा संत रविदास लोक नवंबर के अंत तक तैयार होने की संभावना है। बड़तूमा पहाड़ी पर विकसित हो रहे इस परिसर में 17 फीट ऊंची प्रतिमा, मंदिर और संत के जीवन-दर्शन की गैलरी बनाई गई है। इसके लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित करने की तैयारी है।
दलित सियासत का मास्टरस्ट्रोक-भाजपा, संत रविदास लोक से साधेगी यूपी और पंजाब विधानसभा के चुनावी समीकरण
संत रविदास लोक का मॉडल।

राजीव सोनी, भोपाल। मध्यप्रदेश के सागर जिले की पहचान जल्दी ही देश में दलित राजनीति के नए पॉवर सेंटर के रूप में होगी। 100 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले संत रविदास लोक का निर्माण नवंबर में पूरा हो जाएगा। भाजपा ने इसके जरिए दलित वोटर्स को साधने की रणनीति बनाई है। समरसता के इस नए तीर्थ का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कराने की तैयारी है। संत रविदास लोक सिर्फ धार्मिक स्थल ही नहीं बल्कि उत्तरप्रदेश और पंजाब सहित 2027 के विधानसभा चुनावों में सबसे बड़ा राजनीतिक हथियार बनेगा।

पीएम मोदी ने तीन साल पहले रखी थी आधारशिला

सागर जिले की बड़तूमा पहाड़ी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन साल पहले संत शिरोमणि रविदास लोक की आधारशिला रखते हुए यह भी वायदा किया था कि लोकार्पण करने भी वह आएंगे। सौ करोड़ की लागत से बन रहे समरसता के इस तीर्थ का लगभग 95 फीसदी निर्माण पूरा हो चुका है। निर्माण एजेंसी का दावा है कि अगले महीने नवंबर अंत तक बनकर तैयार हो जाएगा।

दलित वोटर्स तय करते हैं सत्ता की चाबी किसके पास रहेगी 

उत्तरप्रदेश,पंजाब और मप्र में अमूमन दलित वोटर्स ही तय करते हैं कि सत्ता की चाबी किसके हाथ में रहेगी। अनुसूचित जाति वर्ग की सबसे ज्यादा आबादी पंजाब (31फीसदी),उत्तरप्रदेश (22) और मप्र में करीब 16 प्रतिशत है। भाजपा ने सागर में संत रविदास लोक बनाकर यह संदेश दिया है कि देश में दलित अस्मिता और उसके राजनीतिक हितों की असली संरक्षक वही है। बसपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के दलित कार्ड के काउंटर के लिए भाजपा का यह मास्टरस्ट्रोक की तरह निर्णायक दांव माना जा रहा है।

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एससी वोटर्स: सीटों का गणित

  • उत्तर प्रदेश में 84 सीटें रिजर्व(वोटर 22%)
  • पंजाब 34 सीटें, देशमें सबसे ज्यादा 31% वोटर
  • मध्यप्रदेश में 35 सीटें सुरक्षित, करीब 16% वोटर

भाजपा के लिए साबित होगा सियासी संजीवनी

अगले साल सात राज्यों में चुनाव हैं, जिसमें उत्तर प्रदेश और पंजाब सबसे अहम हैं। उप्र में बसपा का दलित जनाधार तेजी से खिसक रहा है। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार पर दलित वर्ग की उपेक्षा के कई आरोप हैं। ऐसे में संत रविदास तीर्थ से पीएम मोदी का संदेश सीधे लुधियाना, जालंधर, कानपुर, लखनऊ, आगरा से लेकर ग्वालियर-चंबल तक भाजपा के लिए सियासी संजीवनी का काम करेगा।

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रविदास लोक की खूबियां

रविदास लोक में संत रविदास की 17 फीट ऊंची प्रतिमा, उनका पवित्र तालाब, मंदिर और उनके जीवन दर्शन की भव्य गैलरी बनकर तैयार है। संत रविदास का जन्म वाराणसी में हुआ था, उनका कर्मक्षेत्र पूरे उत्तर भारत में रहा। इसलिए वाराणसी-गोरखपुर के नागरिकों से लेकर पंजाब के डेरा बल्लां तक, सब खुद को इससे जुड़ा महसूस करते हैं।

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और सोशल इंजीनियरिंग

सियासी विश्लेषकों के अनुसार भाजपा सरकार ने धार्मिक पर्यटन, सांस्कृति राष्ट्रवाद के साथ सोशल इंजीनियरिंग की खातिर तुलसी लोक चित्रकूट,महाकाल लोक उज्जैन, अद्वैत लोक ओंकारेश्वर, शक्ति तीर्थ मैहर-नलखेड़ा-सलकनपुर और अब सागर में संत रविदास लोक जैसे मेगा प्रोजेक्ट हाथ में लिए है।

सामाजिक समरसता का नया तीर्थ, निर्माण अंतिम चरण में

धर्मस्व, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में भव्य संत रविदास लोक का निर्माण अंतिम चरण में है। यह सामाजिक समरसता का नया तीर्थ और संतजी का दर्शन-चिंतन समाज की प्रेरणा बनेगा। नवंबर अंत तक निर्माण पूरा हो जाएगा।

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By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...

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