
सागर। मध्य प्रदेश के सागर में लोकायुक्त की टीम ने मंगलवार को हाउसिंग बोर्ड के संपत्ति अधिकारी बृजेश नायक को 10,000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी ने फरियादी से आवंटित आवास में अपनी पत्नी का नाम जोड़ने के एवज में 16,000 रुपए की मांग की थी।
क्या है मामला?
जानकारी के मुताबिक, फरियादी यशवंत विश्वकर्मा निवासी कबीर वार्ड थाना खुरई जिला सागर द्वारा लोकायुक्त कार्यालय सागर में शिकायत की गई थी। फरियादी ने बताया कि उन्होंने 2022 में मप्र गृह निर्माण मंडल से ईडब्ल्यूएस मकान लिया था, जिसकी छह किस्त थी, जिसे बैंक से लोन लेकर भरी थी। वहीं उसकी रजिस्ट्री एक हजार के स्टाम्प पर लिखकर देनी थी। इसका खर्चा लगभग दो हजार रुपए आता है। लेकिन अधिकारी बृजेश नायक इसका खर्चा 20 हजार रुपए बता रहे थे। बाद में 16 हजार में सौदा तय हुआ था। इसकी शिकायत यशवंत ने सागर लोकायुक्त से कर दी।
रंगे हाथों दबोचा
आवेदक शिकायत के सत्यापन बाद आज आरोपी बृजेश नायक को आवेदक से 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते लोकायुक्त की टीम ने मकरोनिया स्थित कार्यालय में धर दबोचा। लोकायुक्त डीएसपी बीएम द्विवेदी के नेतृत्व में निरीक्षक अभिषेक वर्मा सहित अन्य पुलिस कर्मियों ने पूरी कार्रवाई कर बृजेश नायक के खिलाफ मामला कायम किया है।
उल्लेखनीय है कि मप्र गृह निर्माण मंडल एवं अधोसंरचना विकास मंडल में गरीब एवं मध्यम वर्ग के लोगों से नाम जोड़ने जैसे कार्यों के लिए भी रिश्वत मांगने की लगातार शिकायते थी, जिससे आम नागरिक भी परेशान हो रहे थे।